- Hindi News
- पहले चरण की सिंचाई में खपा 5 टीएमसी पानी
पहले चरण की सिंचाई में खपा 5 टीएमसी पानी
गंगरेलबांध से रबी सिंचाई के लिए अब तक 5 टीएमसी पानी खप गया है। जिले के अलावा रायपुर, बलौदाबाजार को भी सिंचाई पानी दिया जा रहा।
फिलहाल मताई के लिए पर्याप्त पानी छोड़ने के बाद डिस्चार्ज बंद कर दिया गया है। अगले हफ्ते पुन: सिंचाई पानी छोड़ने की जानकारी अधिकारी दे रहे हैं। जिले में इस साल 60 हजार हेक्टेयर में धान फसल लेने का लक्ष्य है। रबी पानी मिलने के बाद रकबा लगभग 10 हजार हेक्टेयर बढ़ गया है।
बोनी का कार्य 90 फीसदी पूर्ण हो गया है। मताई कार्य भी पूर्णता की ओर है। पहले बोनी किए किसानों के धान के पौधे एक फिट तक बढ़ गए हैं। नर्सरी के बाद रोपा लगाने की तैयारी जोर शोर से चल रही है।
गंगरेलमें 74 फीसदी पानी
बारिशमें इस बार गंगरेल लबालब रहा। पर्याप्त जलभराव के कारण ही जल उपयोगिता समिति ने रबी सिंचाई पानी देने का निर्णय लिया। जनवरी माह से सिंचाई पानी देना शुरू हुआ। वर्तमान में गंगरेल में 74 फीसदी पानी है। यहां उपयोगी जलभराव 20.490 टीएमसी है। इसी तरह मुरूमसिल्ली में 4.489, दुधावा में 2.800 तथा सोंढूर में 4.830 टीएमसी पानी है।
15 हजार हेक्टेयर को पानी
जिलेमें इस साल 15 हजार 670 हेक्टेयर धान फसल को सिंचाई पानी दिया जा रहा है। धमतरी के 47 गांवों में 6 हजार 5 हेक्टेयर, कुरूद के 124 गांवों में 9 हजार 655 हेक्टेयर, नगरी के 44 गांवों में 5 हजार 138 हेक्टेयर, बालोद के 8 गांव में 725 हेक्टेयर में लगी फसल को पानी दिया जा रहा। इसके अलावा रायपुर जिले के खेतों के साथ बलौदाबाजार को भी सिंचाई पानी दिया जा रहा है।
धमतरी. वर्तमान में गंगरेल बांध में 20.490 टीएमसी जलभराव है।