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सीसी कैमरे से बाहरी तत्वों पर लगा ब्रेक

6 वर्ष पहले
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शहर के आधा दर्जन स्कूलों में लगा खुफिया कैमरा।

भास्करन्यूज |धमतरी

शहरके स्कूल इन दिनों खुफिया कैमरे से लैस हो रहे हंै। अवांछनीय तत्वों पर प्रवेश निषेध करने छात्रों में अनुशासन कायम करने आधा दर्जन स्कूलों में सीसीटीवी लग चुके हंै। शहर के आदर्श कन्या शाउमा विद्यालय, बालक शाउमा विद्यालय, शासकीय पीजी कालेज, सर्वोदय हायर सेकंेडरी स्कूल, वंदेमातरम स्कूल सहित अन्य स्कूलों में कैमरे लग चुके हैं। कुछ स्कूलों में आगामी शिक्षण सत्र में लग जाएगा ऐसा प्रबंधन का कहना है। स्कूलों के प्राचार्यो ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से स्कूलों के आसपास परिसर में घूम रहे असामाजिक तत्वों पर विराम लगा। अब इनका प्रवेश स्कूलों में रूका है। छात्र-छात्राओं में सुरक्षा का अहसास हुआ है। क्लास की निगरानी आसानी से हो जाती है। छात्रों में अनुशासन बढ़ा है पढ़ाई के प्रति रूचि जागृत हुई है। आपसी झगड़े रूक गए हंै।

धमतरी. आदर्श कन्या शाला में लगे हैं 21 कैमरे।

स्कूलों में बेहतर हुआ पढा़ई का स्तर

बालकशाला के प्राचार्य डीएस नेताम ने बताया कि इस स्कूल में जनवरी 2015 में 16 कैमरे लगाए गए, जिनकी बदौलत वे छात्रों पर निगरानी करते हंै। शिक्षक क्लास में बराबर उपस्थिति देते हंै। हमारा स्कूल खुले में है इसलिए रात में असामाजिक तत्वों पर निगरानी होती है। बाहर परिसर में दो कैमरे लगे हैं। कैमरे के कारण यहां अवांछनीय तत्वों का प्रवेश रूका है। स्कूल में पढ़ाई का स्तर बेहतर हुआ है। अनुशासन कायम हुई है। भविष्य में कैमरे की संख्या बढ़ाई जाएगी।

कैमरे का डर बना

महाविद्यालयके प्राचार्य डा चन्द्रशेखर चौबे ने बताया कि उनके कालेज में सीसीटीवी कैमरे लग जाने से यहां शांति व्यवस्था कायम हुई है। यहां 8 कैमरे लगाए गए हंै जिसे बढ़ाने पर विचार हो रहा है। बाहरी तत्वों का प्रवेश अनायास ही रूक गया। प्रवेश के बाद भी कैमरे के डर से कुछ भी गलत हरकत अब नहीं करते। ढाई हजार नियमित विद्यार्थियों को सुरक्षा का अहसास हुआ है। यहां की शांति व्यवस्था की नेक टीम ने भी तारीफ की है।

अपने आप हो गई व्यवस्था

कन्याशाला की प्राचार्य बी मैथ्यू ने बताया कि जब वे इस स्कूल में लेक्चरर थी तब से यहां की छात्राएं सुरक्षा के लिए चिंतित थी। प्राचार्य बनने के बाद इसे मूर्त रूप दिया गया। उन्होंने बताया कि कैमरे लगाने के लिए शासन से पैसा नहीं मिलता। वे अपनी निजी पैसे एक दानदाता के सहयोग से यहां जून 2014 में 21 कैमरे लगवाए। एक बरामदे में भी कैमरे लगवाया गया है। अब छात्राओं में सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं है। अवांछनीय तत्वों का प्रवेश रूका है। सब काम अपने आप व्यवस्थित हो गया। किसी को कुछ भी बोलने की जरूरत नहीं पड़ती। पढ़ाई का स्तर बेहतर हो गया है। बोर्ड के अिधकारी भी इसकी तारीफ करते हैं।