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आम जनता चाहती है सदर मार्ग का चौड़ीकरण

6 वर्ष पहले
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जाम से रोज दो-चार होना पड़ता है, संकरी गलियों से होती है परेशानी।

भास्करन्यूज |धमतरी

सदरमार्ग के संकरे गलियों को लेकर आम जनमानस की यही प्रतिक्रिया है कि इस मार्ग की तंग गलियों का जल्दी से जल्दी चौड़ीकरण हो जाए। नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग का हमें दिन भर सामना करना पड़ता है। खरीददारी से लेकर कार्यालयों, दुकानों तक जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो अनावश्यक जाम के कारण लेट ही हो जाते हैं। कार्यालय प्रमुख का सुनना पड़ता है कि यह बहाना अब नहीं चलेगा। सदर मार्ग की तंग गलियों से गुजरना उनकी मजबूरी है। सबसे ज्यादा परेशानी सुबह शाम होती है। इस समय लोग अपनी गंतव्यों की ओर आना जाना करते हैं। स्कूल-कालेज अस्पताल जाने वाले लाेगों को हमेशा देरी का सामना करना पड़ता है। समय से एक दो घंटे पहले घर से निकलना पड़ता है। जो रोज संभव नहीं है। सदर बाजार पहुंचते ही जाम को देखकर सिरदर्द शुरू हो जाता है और प्रशासन को कोसने लगते है कि आखिर चौड़ीकरण की कार्रवाई कब शुरू करेंगे। खरीददारी करते समय इस बात का ख्याल करना पड़ता है कि कहीं कोई पुलिसवाला आकर वाहन का चालान बना दे या फिर खड़ी गाड़ी को कोई ठोंक दे। कभी कभी तो अन्य दुकानदार से वाहन खड़ी करने के नाम पर बहस हो जाती है। चौड़ीकरण को लेकर कुछ नागरिकों ने अपनी राय व्यक्त की-जो इस प्रकार है।

कार्यालयलेट से पहुंचते हैं

बैंकअिधकारी पुरूषोत्तम दास ने बताया उसे सप्ताह के सातों दिन टाईम में बैंक पहुंचना पड़ता है। देरी से पहुंचने पर वरिष्ठ अिधकारी बिगड़ जाते हंै। सदर बाजार में सुबह शाम जाम के कारण के कारण अधिकतर वे देरी से आफिस घर पहुंचते है। डेढ़ से दो घंटा 1 किमी का रास्ता तय करने में लग जाता है। कोई खरीददारी करने जाते समय खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग का चौड़ीकरण जल्दी होना चाहिए। अखबार के माध्यम से प्रशासन तक बात पहुंचनी चाहिए।

धमतरी. सदर बाजार क्षेत्र में दिन में कई बार लगता है जाम।

जुलूस, रैलियांे से परेशानी

कंपनीके कर्मचारी रौनक साहू ने बताया कि इस मार्ग से रोज काम पड़ता है। घंटे दो घंटे का काम दिन भर में होता है। संकरे मार्ग के कारण यहां वाहन रखने की समस्या तो है, साथ ही जाम के कारण मन दुखी हो जाता है। इस मार्ग में आने की इच्छा ही नहीं होती। सबसे ज्यादा परेशानी जुलूस, रैलियां और बारात से होती है। जब तक सदर मार्ग में रैलियां रहती है पीछे-पीछे चलना पड़ता है। बायपास भी नहीं है। जुलूस वाले भी इस बात को नहीं समझते। जल्द से जल्द इसका चौड़ीकरण होना चाहिए।

आउटरों में रुचि बढ़ी

शिक्षकगौतम ध्रुव का कहना है सदर बाजार का चौड़ीकरण अब आवश्यक हो गया है। यह समय की मांग है नहीं तो इस शहर का विकास रूक जाएगा। लोग इस मार्ग से किनारे कर लेंगे। ग्राहकों का टोटा हो जाएगा। अत्यधिक भीड़ वाहनों की रेलमपेल के कारण ज्यादातर लोग आऊटरों एनएच से खरीददारी कर लेते हंै। व्यापारियों और प्रशासन को इस बात को समझना चाहिए और चौड़ीकरण शीघ्र करना चाहिए।

जामसे परेशानी होती है

छात्रचेतन गौरिया, हेमंत ठाकुर सुनीता यादव का कहना है हमें इस मार्ग से रोज आना-जाना करना पड़ता है। घर और स्कूल की दूरी कम होने के बाद भी हमें दो घंटे पहले निकलना पड़ता है। जरा सी जाम होने पर स्कूल लेट से पहुंचते हंै और शिक्षकों की डांट खानी पड़ती है। इस मार्ग में कुछ खरीदने से पहले भी कई बार सोचना पड़ता है। जाम से हमेशा परेशानी होती है। इस बार तो चौड़ीकरण ही चाहिए।