किसान सशक्तिकरण की बात क्यों नहीं : त्रिपाठी
धमतरी| देश में आज महिला सशक्तिकरण, बाल सशक्तिकरण की बात की जाती है, लेकिन किसान सशक्तिकरण की बात क्यों नहीं की जा रही है। यह ज्वलंत सवाल राष्ट्रीय किसान क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष प्रिया शरण त्रिपाठी ने उठाया है।
नगर प्रवास के दौरान कुछ पत्रकारों से चर्चा करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि गरीब, मजदूर और किसानों की आवाज को उठाने के लिए देश में आज सामाजिक आंदोलन की जरूरत है। विडंबना है कि अन्नदाता किसान आज आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहा है और सरकार कहती है कि किसी भी किसान ने आत्महत्या नहीं की है। देश के गरीब, मजदूर और किसान आज हाशिए पर हैं।
हरे भरे पेड़ों और लहलहाती फसल को काटकर आज विकास की बात की जा रही है। कोटवार किसानों की खतौनी ढूंढने में लगे हुए हैं। आत्महत्या करने वाले किसानों की जाति खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में आज मेट्रो ट्रेन, स्मार्ट सिटी, एटीएम, एसी बस, चिकनी सड़क आदि की बात की जाती है, लेकिन गरीबों के लिए सामान्य ट्रेन और बसें चलाने की बात नहीं की जाती। गरीब, मजदूर, किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए ही राष्ट्रीय किसान क्रांति मोर्चा का गठन किया गया है, जो गैर राजनीतिक है।