बगैर सूचना सोनोग्राफी मशीन बदलना गैरकानूनी, हुआ निर्णय
बुधवार को हुई जिला सलाहकार (पीसी एंड पीएनडीटी) समिति की बैठक में कई निर्णय लिए गए। सोनोग्राफी सेंटरों में बगैर सूचना के सोनोग्राफी मशीन बदलने को गैर कानूनी ठहराते हुए आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही सभी केन्द्रों में कर्मचारियों द्वारा अपना नेम प्लेट लगाकर कार्य करने व उनका बायोडाटा कार्यालय को भेजने कहा गया। सोनोग्राफी मशीन बदलने की सूचना देना आवश्यक है। नर्सिंग होम एक्ट के नियमों का पालन नहीं किए जाने पर सोनोग्राफी सेंटर का पंजीयन निरस्त होने व 5000 रुपए जुर्माने के साथ तीन साल की सजा का भी प्रावधान है।
इस एक्ट के तहत जिन अस्पताल व नर्सिंग होम सेंटरों में गर्भपात कराए जाने का रिकार्ड एक्ट के अनुसार पंजीकृत नहीं है उन्हें समस्त रिकार्ड का पंजीयन करने कहा गया है। इसी प्रकार सभी सेंटरों को एफ फार्म की सभी कालम पूर्ण भरकर कार्यालय को प्रत्येक माह के 1 तारीख को जमा करने के निर्देश दिए गए। यदि जमा नहीं किया जाता है, तो धारा 27 के तहत कार्रवाई की जाएगी। रिफरल स्लिप में गर्भवती महिला की पूर्ण जांच, जीवित बच्चों की संख्या, लिंग की जानकारी भरा जाना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. एआर ठाकुर, डा. आशा त्रिपाठी, डा. हीरा महावर, डा. माधुरी वानखेड़े, सामाजिक कार्यकर्ता सरिता दोशी, स्वास्थ्य सभापति श्यामा देवी साहू, महिला एवं बाल विकास अधिकारी उपस्थित थीं।