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सोसायटियों में धान जाम, उठाव में रुचि नहीं

7 वर्ष पहले
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उपार्जन के मुकाबले उठाव नहीं होने के कारण सप्ताहभर में ही 287449 क्विं धानजाम।

भास्करन्यूज|धमतरी

प्राथमिककृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से जिले में 1 दिसम्बर से 7 दिसम्बर तक 318826 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, लेकिन उठाव के अभाव में सोसायटियों में 287466 क्विंटल धान जाम है। अभी तक 41271 क्विंटल धान का उठाव हुआ है। उठाव में मिलरों की रूचि नहीं होने के कारण धान खुले आसमान के नीचे डंप होता जा रहा है। चुनाव के कारण जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है।

इस वर्ष राज्य शासन के निर्णय के अनुसार धान खरीदी 1 दिसम्बर से 31 जनवरी तक किया जाना है। प्रति एकड़ 10 क्विंटल खरीदी होने के कारण संग्रहण केन्द्रों में किसानों की भीड़ नहीं दिखाई दे रही है। सोसायटियों मे धान विक्रय करने एक दो ही किसान पहुंच रहे हैं। कुछ किसानों को अभी तक टोकन नहीं मिला है तो कुछ का रकबा ही एंट्री नहीं हुआ है। ऐसे में धान खरीदी का लक्ष्य महज 62 दिनों में कैसे पूर्ति होगी। एक सप्ताह की खरीदी में लाखों क्विंटल धान डंप हो गया है जबकि किसानों की भीड़ अभी सोसायटियों में नहीं है। किसानों की रेलमपेल के बाद धान जाम हो जाएगा। इस वर्ष सीधे सोसायटियों से धान का उठाव मिलांे के लिए होना है।

अछोटासोसायटी में लगा जाम

अछोटामें एक सप्ताह के भीतर 3458.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है। उठाव मात्र 1556 क्विंटल ही हुआ है। वर्तमान में यहां 1902.80 क्विंटल धान जाम है। संग्रहण केन्द्र को अभी तक नहीं भेजा गया।

धमतरी. अछोटा धान खरीदी केन्द्र में कांटा बाट से धान की तौलाई की जा रही है।

धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रानिक कांटा नहीं

धानखरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रानिक कांटा का उपयोग नहीं किया जा रहा है। किसान तौल में डंडी मारने का अंदेशा जाहिर कर रहे हैं। कांटा-बाट में हर तौल के पीछे 300 से 400 ग्राम धान अिधक तौलने की शिकायत है। इलेक्ट्रानिक कांटा में मजदूर भी कम लगते हंै, इसलिए किसान उसी से तौलाई चाहते हैं।