दफ्तरविहीन विभागों को मिलेगा भवन
शहर में जिला स्तर के दर्जनभर सरकारी विभागों के कार्यालय किराए के भवनों में संचालिए हो रहे हैं। सरकारी राशि किराए में खर्च हो रही,साथ ही लोगों को भी दफ्तरों को ढूंढने में परेशानी होती है। इसके अलावा भी कई तरह की परेशानियां प्रशासन को होती है।
दो साल पूर्व ऐसे कार्यालयों को एक ही जगह लाने के लिए कलेक्टोरेट के पास जिला कम्पोजिट भवन का निर्माण शुरू हुआ था। बिल्डिंग तैयार हो गया है। जिले का यह पहला माडल कम्पोजिट बिल्डिंग होगा। जिसकी लुकिंग देखते ही बनता है। 898.06 लाख रू की लागत से बिल्डिंग तैयार हुआ है। परिसर का समतलीकरण चल रहा है। जल्द ही कम्पोजिट बिल्डिंग में किराए के भवनों को शिफ्ट किया जाएगा।
पार्किंग, सड़क बनेगी
कम्पोजिट बिल्डिंग के पास बड़ा पार्किंग स्थल बनेगा। पुराने न्यायालय भवन में संचालित डीईओ दफ्तर को भी जर्जर अवस्था के चलते डिस्मेंटल करने की योजना है, ताकि चारों ओर डामर की अच्छी सड़क बन सके।
धमतरी. कलेक्टोरेट के पास बनी कंपोजिट बिल्डिंग।
कलेक्ट्रेट के दूसरे माले के कई कमरे होंगे खाली
कलेक्ट्रेटके दूसरे माले में कई ऐसे दफ्तर संचालित हैं, जो जिला कार्यालय से संबंधित नहीं है। ऐसे कार्यालय भी कम्पोजिट बिल्डिंग में शिफ्ट होंगे। ऊपर में संचालित सारे कार्यालयों को कम्पोजिट बिल्डिंग में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। इसमें कृषि, पशु, आबकारी, श्रम, व्यापार एवं उद्योग आदि शामिल हंै।
होगास्थानांतरण
^जिनविभागों के पास बिल्डिंग नहीं है वे शहर में यत्र-तत्र संचालित हैं। उन्हें एक कम्पाउंड में लाना है। इसके लिए विभागों से सूची मांग रहे हैं। जल्द ही कम्पोजिट बिल्डिंग में इन्हें शिफ्ट करेंगे। भीमसिंह,कलेक्टर धमतरी
मांगी जा रही कार्यालयों की सूची
कलेक्टरने किराए के भवनों में संचालित विभागीय कार्यालयों की सूची मंगाई है। आवश्यकतानुसार इन विभागों को नए बिल्डिंग में जगह दी जाएगी। जानकारी के अनुसार शहर में नगर निवेश कार्यालय, रोजगार दफ्तर, नापतौल विभाग सहित कई विभाग के भवन जर्जर हो गए हैं। इन्हंे भी कम्पोजिट बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा सकता है। इसी तरह बीईओ दफ्तर, तहसील दफ्तर, एसडीएम दफ्तर भवन जर्जर अवस्था में है। यदि ये सभी कार्यालय एक ही भवन में शिफ्ट हो तो लोगों को काफी सहूलियत होगी। शहर में ट्रैफिक की समस्या से भी राहत मिलेगा।