ग्रीष्म राहत प्रकोष्ठ में फोन उठाने वाला कोई नहीं
अल्पवर्षा की स्थिति के कारण इस बार पेयजल की समस्या विकराल रुप लेने वाली है। इस समस्या से निपटने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने टोल फ्री नंबर जारी तो किया है, लेकिन नंबर जारी करने के बाद अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गए हैं। इस नंबर पर संपर्क साधने पर कोई रिसीव नहीं करता।
पखवाड़ेभर पूर्व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रीष्म राहत प्रकोष्ठ की स्थापना की गई, जो खंड और उपखंड कार्यालयों में कार्यशील है।
विभाग ने आम जनता के लिए दूरभाष क्रमांक 07722-238719 और टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 जारी किया है। चारों विकासखंड धमतरी, कुरूद, नगरी, मगरलोड में बिगड़े हैंडपंपों के त्वरित सुधार के लिए चलित वाहन उपलब्ध हैं। दैनिक भास्कर ने जारी नंबरों का रिस्पांस जानने के लिए पिछले चार दिनों से लगातार उक्त नंबरों पर संपर्क साधने की कोशिश की रिस्पांस तो दूर फोन तक नहीं रिसीव किया गया।
नंबर जारी कर भूल गए अधिकारी
केस 1
ग्राम शंकरदाह के मोहन साहू ने 8 फरवरी को विभाग द्वारा जारी नंबर पर फोन किया, लेकिन उनके फोन को रिसीव करने वाला कोई नहीं था। मोहन गांव के हैंडपंप को सुधरवाने के लिए सूचना देना चाहता था।
केस 2
आमापारा निवासी कमेश साहू ने 10 फरवरी को जारी नंबर पर फोन किया, लेकिन टोल फ्री नंबर से उन्हें कोई संतुष्ट करने वाला जवाब ही नहीं मिला। लगातार फोन करने पर एक व्यक्ति ने फोन उठाकर दोबारा फोन न करने की हिदायत दी।
मै जानकारी लेता हूं
फोन रिसीव क्यों नहीं कर रहे हैं, इसे दिखवाता हूं। टोल फ्री नंबर तो प्रदेश की राजधानी में स्थापित है, लेकिन कार्यालय का नंबर क्यों नहीं उठा रहे हैं, यह समझ में नहीं आ रहा है। जीएन रामटेके, ईई पीएचई धमतरी