77, 570 ऑनलाइन आवेदनों में 69, 566 का हुआ निराकरण
अप्रैल 2015 में जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत लोक सेवा केन्द्रों की स्थापना की गई। शुरू में 12 सेवाएं प्रदान की जा रही थी, जिसे बढ़ाकर 31 कर दिया गया है।
कलेक्टर भीमसिंह के प्रयास से जिले में 18 लोक सेवा केन्द्र संचालित हैं। अब तक 77 हजार 570 आवेदन लोक सेवा केन्द्रों को आॅनलाइन मिले। इनमें से 69 हजार 566 आवेदनों का निराकरण समय पर किया जा चुका है। इस उपलब्धि के बाद जिला लोक सेवा केंद्रों से प्राप्त आवेदनों के निराकरण के मामले में पहले पायदान पर पहुंच गया है। शेष आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया चल रही है। इधर सभी लोक सेवा केन्द्रों में छाया, बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जा रही है।
ये सेवाएं आॅनलाइन: जिले में आय, जाति, जन्म, मृत्यु, विवाह पंजीयन, पेंशन, जलकर, नल कनेक्शन, खाद्यान्न पंजीकरण, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, व्यापार अनुज्ञप्ति, संपत्ति कर, भवन निर्माण अनुज्ञा, सीमांकन, नामांतरण, किसान किताब, नजूल पट्टा नामांतरण, नजूल पट्टा सीमांकन, नजूल पट्टा नवीनीकरण, नजूल पट्टा अनापत्ति प्रमाण-पत्र, शोध क्षमता आदि कार्य लोक सेवा केन्द्रों में ऑनलाइन किए जा रहे हैं।
ऑनलाइन व्यवस्था के लिए जागरूक हो रहे लोग
कलेक्टर भीम सिंह की अध्यक्षता में जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी का गठन कर लोक सेवा केन्द्रों की मानिटरिंग की जा रही है। जिले के नागरिक भी आॅनलाइन लोक सेवा प्राप्त करने के प्रति काफी जागरूक हैं। इस काम में जिले के ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित नागरिक सेवा केन्द्र का भी सहयोग लिया जा रहा है। नागरिक सेवा केंद्रों को लोक सेवा प्रदायगी के लिए लोक सेवा की आईडी दी जा रही है। फिलहाल 8 नागरिक सेवा केन्द्रों को लोक सेवा की आईडी प्रदान की गई।
धमतरी। कम्पोजिट बिल्डिंग स्थित लोक सेवा केन्द्र में आवेदन सौंपते लोग।