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घटिया बीज से नुकसान, बढ़ी चिंता

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | मुढ़ीपार/डोंगरगढ़

आदर्शग्राम मुढ़ीपार सहित खैरागढ़ विकासखंड के लगभग सभी गांवों में सोयाबीन की फसल बर्बाद हो चुकी है, इस वर्ष क्षेत्र के छोटे से लेकर बड़े किसानों का फसल बर्बाद हो चुका है। फसल को देखकर किसानों के माथे में चिंता की लकीरें स्पष्ट झलक रही है। किन्तु जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन भी इस ओर अब कोई कदम नही उठा पाया है। जिससे किसानों में अधिकारियों के प्रति काफी आक्रोश व्याप्त है। मुढ़ीपार के कृषक भीखम सिन्हा, दाऊ भूपेन्द्र सिंह, बल्लू जैन, मधुसूदन साहू, केशव साहू, टेकापार के धनुष वर्मा, सुदामा वर्मा सहित अन्य ने बताया कि क्षेत्र के किसानों को सोयाबीन का बीज सहकारी समिति(सोसायटी) से पीएस 1042 किस्म का 7615 रूपये प्रति क्विंटल की दर से दिया गया था वहीं क्षेत्र के ही किसानों ने डोंगरगढ़ ब्लॉक के शिवपुरी बीज निगम से भी सोयाबीन बीज की खरीदी इसी दर पर की थी। किन्तु दोनों जगहों की बीज खराब ही निकली जिसका खामियाजा कृषकों को भुगतना पड़ रहा है। बताया गया कि प्रतिवर्ष सर्टिफाइड बीज से किसानों को नुकसान हो रहा है। जिस समय बीज वितरण किया जाता है तब बीज की गुणवत्ता और मानक क्षमता की जांच नही की जाती है।

खड़ीफसल सूख रही: किसानोंने बताया कि भर्री में लगे सोयाबीन के खड़े फसल अपने आप की सुखने लगा है। पीएस 1042 किस्म का बीज सबसे अधिक वितरित हुआ है, जो काफी घटिया निकला। सूखने के क्रम में पहले बीज से पौधे आने लगे और फूल और फिर पौधे सूखने लगे हैं, जबकि जिस तरह इस वर्ष मानसून रहा है। वह सोयाबीन के फसल के लिए पर्याप्त था, किन्तु बीज की गुणवत्ता ठीक नहीं होने की वजह से किसानेां की मेहनतों पर पानी फेर दिया गया है।

सबसेअधिक सोयाबीन की खेती: खैरागढ़ब्लॉक में सबसे अधिक भर्री जमीन है जहां धान से अधिक सोयाबीन की पैदावार होती है। किन्तु कृषि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सोयाबीन की फसल हर साल खराब हो रही है। इस क्षेत्र में 700 एकड़ सोयाबीन की फसल बोयी गई है, जिसमें से किसी भी क्षेत्र की फसल अच्छी सुरक्षित नही है। ग्राम चिचोला के कृषक पंचु वर्मा, भागवत राम, बंशीराम, बुधराम वर्मा, बुधारू साहू ने बताया कि सभी किसानों का सोयाबीन की खड़ी फसल सुखने लगी है और आर्थिक नुकसान भी हो गई है। इस क्षेत्र के किसान धान से अधिक सोयाबीन बोया जाता है वह भी अब बर्बाद हो चुका है।

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