- Hindi News
- बगैर शिक्षकों के वनांचल के दर्जनभर स्कूलों में पढ़ाई
बगैर शिक्षकों के वनांचल के दर्जनभर स्कूलों में पढ़ाई
ब्लॉकमें 222 प्राथमिक 103 पूर्व माध्यमिक शालाओं में पदस्थ शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में चले अनियमितता तो की ही गई है। साथ ही कई स्कूलों में अतिशेष शिक्षक होने के बाद भी उन्हें विषय विकल्प देकर उनका स्थानांतरण नहीं किया गया। इसके कारण आज वनांचल क्षेत्रों सहित ब्लॉक के कई स्कूल शिक्षक विहीन हैं। यह लापरवाही जानबूझकर शिक्षा विभाग द्वारा की गई है। आज स्थिति यह है कि नक्सल प्रभावित ग्राम घोटिया, मांगीखूंटा सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं हैं। यहां हाई स्कूल का उन्नयन भी हो चुका है।
मुसरा में जहां कला के शिक्षक को गणित का बताकर उसे अतिशेष होने से रोक दिया गया और उसका स्थानांतरण नहीं हुआ। ऐसा ही खेल अन्य स्थानों पर भी खेला गया। जिसका खामियाजा यह हुआ है शिक्षकों को अतिशेष नहीं किया गया और इस वजह से वनांचल क्षेत्र की शालाएं शिक्षक विहीन हो गई है। शिक्षक विहीन शालाओं में सहायक शिक्षक पंचायतों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है किंतु यह व्यवस्था गुणवत्ता के अनुरूप नहीं हो रही है। सचिव संजय पांडेय ने बताया कि राज्य शासन के आदेशों की पूरी अवहेलना की है। अपनी गलती पर संकुल प्रभारियों को फंसाने का खेल भी खेल रहे है। राज्य शासन ने तीन आदेशों के माध्यम से स्पष्ट किया है इस आधार पर युक्तियुक्तकरण का अतिशेष शिक्षकों को उन शालाओं में भेजे जहां शिक्षकों की कमी है।
घोटिया स्कूल में खुदाई की गई, काम अधूरा छोड़ दिया गया।
छात्रों का भविष्य अनियमितता की भेंट चढ़ रही है
^जहां शिक्षकों की कमी है वहां अतिथि शिक्षकों की मदद से अध्यापन का कार्य कराया जा रहा है। इसकी जानकारी भी बीईओ से मंगाई गई है। जहां कमी होगी वहां जल्द से जल्द शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।\\\'\\\' बीएलकुर्रे, डीईओ
इन स्कूलों में इस तरह है शिक्षकों की व्यवस्था
डोंगरगढ़से लगे ग्राम राका में १९८ की दर्ज संख्या में शिक्षक पहले से पदस्थ थे उन्हें किया जाना था कर दिया गया। इसी प्रकार प्राशा नयापारा अछोली में ५४ पर चार शिक्षक, प्राशा अछोली में ५९ पर तीन, रामाटोला में ८९ पर चार, नरसिंहपुर में ३७ पर तीन, अंडी में ८८ पर पांच, अंडीटोला में ६० पर तीन, चैतुखपरी में ९९ पर पांच, कन्याशाला बोरतलाव में ७५ पर चार, भुरसाटोला में ३७ पर तीन, बोरतलाव में ५१ पर तीन, खैरबना में ४९ पर तीन तथा पेंड्री में ९७ पर छह शिक्षक प