शिक्षकों को नहीं मिल रहा है वेतन
भास्कर न्यूज|डोंगरगढ़/मुढ़ीपार
एकतरफ शासन के समस्त प्रशासनिक अधिकारी गुणवत्ता वर्ष को सफल बनाने के लिए प्रतिदिन फरमान जारी कर रहे कार्रवाई कर रहे हैं पर वे इस बात पर जरा भी चिंतित नहीं है कि उनके अपने अधिनस्थ शिक्षाकर्मी कई माह से वेतन के लिये तरस रहे हैं। जिला शिक्षाकर्मी संघ के अध्यक्ष गोपी वर्मा, सहसचिव मनीष पशीने, पूर्व अध्यक्ष शरद शुक्ला, उपाध्यक्ष चंद्रिका यादव, शैलेंद्र यदु मुकेश शुक्ला, रफीक खान, कोषाध्यक्ष बाबूलाल लाड़े ने शासन से प्रश्न पूछा है कि क्या शिक्षाकर्मियों को दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहारों को मनाने का अधिकार नहीं है? शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत नियुक्त शिक्षाकर्मी जैसे जनपद, आरएमएस सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत शिक्षाकर्मियों को दो से छह माह तक का वेतन भुगतान नही किया गया है।
साथ ही कई प्रकार की एरियर्स राशि भी बकाया है पर किसी को इसकी चिंता नहीं है। संघ के नोहर साहू, रोहित रामटेके ने बताया कि शिक्षाकर्मी दिन-रात कार्य करते हुए वेतन कब प्राप्त होगा इसकी राह देख रहा है। अधिकारियों के इस उदासीनपूर्ण रवैये से निराश हो चुके हंै। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में शिक्षाकर्मियों को अब उधार लेन-देन मिलना बंद हो गया है, यह बहुत बड़ी विडंबना है कि मुख्यमंत्री के जिले के शिक्षाकर्मी अब वेतन के लिये इधर-उधर गुहार लगाते नजर रहे हैं। खैरागढ़ विकासखंड के शासकीय स्कूलों में पदस्थ शिक्षक पंचायत संवर्ग के शिक्षकों को विगत तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है जिस कारण उनके सामने जीवन-यापन की समस्याएं रही है। शासन वर्तमान शिक्षण सत्र को गुणवत्ता वर्ष के रूप में मना रहा है लेकिन शिक्षकों को गत तीन माह से वेतन नहीं मिल रहा है और ही एक वर्ष से अधिक का समय का एरियर्स भी प्राप्त नहीं हुआ है। शिक्षाकर्मी संतोष टेमरे, विद्यानंद डोंगरे, फलेश साहू, कृष्णा यादव, बृजेश, संतोष धुर्वे, शिव वर्मा ने बताया कि वेतन आहरण में विलंब होते रहना एक परंपरा सी बन गई है उन्हें कभी भी नियमित रूप से वेतन प्राप्त नहीं हुआ है।
आंदोलन की तैयारी
जिलाध्यक्षवर्मा ने २५ सितंबर को जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला को शिक्षाकर्मियों के वेतन भुगतान संबंधी समस्या से अवगत करा दिया है। वहीं शिक्षाकर्मियों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि १० अक्टूबर तक समस्त शिक्ष