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ददरिया, कर्मा, सुवा बस्तरिया गीत और नृत्य से 5 घंटे बांधे रखा दर्शकों को
पुलिसग्राउंड पर रविवार रात को छत्तीसगढ़ी लोक मंच चिन्हारी की ममता चंद्राकर के सुर ने दर्शकों को 5 घंटे बांधे रखा। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति जवाहर पारा के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में रात 10 बजे मां दुर्गा की पूजा अर्चना की गई।
प्रेम चंद्राकर के संचालन दुष्यंत हरमुख के निर्देशन में ममता चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ी गीत परदेसी के मया, दिन चार एक चना दुई दार के, सपना मा आए गा, मोला भरमाए गा, मोर जोडी रे, मैं का करके का डारेव न, बही बना दिए रे, बुंदेला पंगली बना दिए न, खिनवा नई मांगव मैं हा ऐठी नई मांगों मैं हां की प्रस्तुति ने लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। साथ ही दरदिया, कर्मा, सुवा, बस्तरिहा गीत के साथ नृत्य और हास्य प्रहसंग भी प्रस्तुत किया गया। इसके पहले गिरीश सोनी, ओम गोलछा, सुन्हेर कोसमा, जेएस चुरेन्द्र, पिन्टू भुआर्य, सोमेश सोरी, रेवा रावटे, पीयूष सोनी, आंनद जैन, लक्ष्मीकांत जैन, बहादुर सोनी, देवीलाल धुर्वे,लालचंद जैन ने कलाकारों का स्वागत किया। तहसील दार अरूण कुमार सोनकर, आरएस वर्मा, टीआई जीआर बद्येल, मदन जैन, सियाराम भुआर्य, रामकुमार चौरका के अलावा ग्राम बेलरगोदी, अकोला, सल्हाईटोला आदि गांवों के लोगों ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया।
पुलिस ग्राउंड पर पस्तुति देती छत्तीसगढ़ी लोककला मंच चिन्हारी की ममता चंद्राकर।