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पांच साल बाद भी शहीद रीतेश वैष्णव का नहीं बना स्मारक
नक्सलीहिंसा में शहीद हुए देवरी के सपूत रीतेश वैष्णव की नगर में प्रतिमा स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन यह योजना सिर्फ फाइलों में ही दबकर रह गई है। शहीद की प्रतिमा लगाने स्मारक बनाने के लिए गांव में अफसरों को सरकारी जमीन नहीं मिल रही है।
स्थानीय हाईस्कूल का नामकरण शहीद रीतेश वैष्णव के नाम करने का प्रस्ताव भी अधर में लटक गया है। ज्ञात हो कि नक्सलियों ने मदनवाड़ा में 12 जुलाई 2009 को एसपी रीतेश सहित 29 जवानों को गोलियों का शिकार बनाया था।
शहीद रीतेश वैष्णव की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने स्मारक बनाने के लिए तत्कालीन विधायक वीरेंद्र साहू ने अपने निधि से दो बार 1 लाख 1.50 लाख रुपए जारी किया था। लेकिन आरईएस विभाग ने भी डिजाइन स्टीमेट बनाने में रुचि नहीं ली। जबकि इसी प्रस्ताव के साथ ही स्वीकृत राधोनवागांव में शहीद अंजोर सिंह यादव की प्रतिमा लगाकर भव्य स्मारक बनाया गया है।
^शहीद जवान की प्रतिमा लगाने स्मारक बनाने विधायक निधि से राशि स्वीकृत हुई थी। सरपंच ने रुचि नहीं ली।\\\'\\\' चंद्रशेखरशर्मा, जनपदसीईओ, डौंडीलोहारा
^शहीद का सम्मान होगा। मौजूदा परिस्थितियां ही कुछ ऐसी थी कि स्थल का चयन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। \\\'\\\' अशोकपरसांई, सरपंच,देवरीबंगला
शहीद के परिवार ग्रामीणों के सहयोग से गांव में जगह रखी गई है सुरक्षित
वर्ष2010 से शहीद की प्रतिमा लगाने स्मारक बनाने के लिए गांव में बैठक लेकर कई बार चर्चा की गई। शहीद के परिवार ग्रामीणों के सहयोग से हाईस्कूल परिसर भरकापारा कुआं चौक में स्थान का चयन किया गया है। उपसरपंच पंच लता देवांगन, सरिता साहू, रेणुका यादव ने बताया कि जनपद पंचायत जाकर सरपंच को अनुबंध कर कार्य शुरू करना है। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवान शहीद रीतेश वैष्णव का हम सम्मान करते हैं और उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने के निर्णय से हम सहमत हैं।
विधायक ने अपने निधि से दो बार राशि जारी किया, लेकिन आरईएस विभाग ने नहीं बनाया डिजाइन स्टीमेट
शहीद रीतेश वैष्णव की नगर में प्रतिमा स्थापित करने के लिए नहीं मिल रही जमीन।