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ये कैसा निर्माण: चार महीने में ही उखड़ गई 30 करोड़ की सड़कें

7 वर्ष पहले
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देवरी, सुरेगांव जेवरतला की सड़कों से डामर गायब, जनप्रतिनिधि मौन।

भास्करन्यूज|देवरीबंगला

राजस्वनिरीक्षक मंडल खेरथा के अंतर्गत आने वाले 96 गांवों को जोड़ने वाली पीडब्ल्यूडी पीएमजीएसवाई के तहत बनी 30 करोड़ की सड़कें निर्माण के चार महीने बाद ही उखड़ गई है। वहीं सड़क पर बने लगभग 4-5 करोड़ की पुल-पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुल-पुलियों के एप्रोच कट गए हैं। जर्जर सड़कों पर आए दिन वाहन क्षतिग्रस्त होकर बीच रास्ते में खड़े रहते हैं। ग्रामीण क्षतिग्रस्त सड़कें पुल-पुलियों की शिकायत करने बालोद का चक्कर काट रहे हैं।

पीडब्ल्यूडी की देवरी से डोंगरगांव, राणाखुज्जी से संजारी, सुरेगांव से दुधली, केंवटनवागांव से झीटिया, जेवरतला से भरदाकला, पसौद से अर्जुंदा, संबलपुर से बुंदेली, राणाखुज्जी से रेंगाडबरी, डौंडीलोहारा से भंवरमरा, कमकापार, अछोली से भीमकन्हार मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब है। ठेकेदार के साथ विभाग के अफसर आज तक इन सड़कों को लेकर गंभीर नहीं हैं। वहीं पीएमजीएसवाई की सुरेगांव से बीजाभाठा, केंवटनवागांव से सिंगारपुर, मार्री से रीवागहन, भीमकन्हार से कोचेरा, संबलपुर से गंजईडीह, नाहंदा से बहेराभाठा, नाहंदा से सुरसुली, डेंगरापार से कसहीकला, बुंदेली से पापरा, खैरा से गहिरानवागांव, कापसी पहुंच मार्ग, अछोली से परसाडीह, कोसमी मार्ग की सड़कें बनने के चार महीने बाद ही डामर उखड़ गया। इससे सड़क पर गड्‌ढे हो गए। इन सड़कों को बनाने वाले ठेकेदार ने घटिया सामग्री का उपयोग किया।

क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की जल्द मरम्मत कराएंगे

बारिशके कारण सड़कें पुलिया क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें पीडब्ल्यूडी पीएमजीएसवाई सेतु निगम तीनों से संबंधित हैं। शीघ्र ही विभाग की सड़क पुलियों की मरम्मत कराई जाएगी।\\\'\\\' एनकेसाहू, उपयंत्री,पीडब्ल्यूडी, बालोद

वाहन निकलने में परेशानी

ब्लॉकमुख्यालय से 20 किमी के दायरे में भारी बारिश से पुल-पुलियों को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इन पुल-पुलियों से मालवाहक वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। इनमें बुंदेली से कोबा, केंवटनवागांव से गोड़मर्रा, देवरी से मार्री, परसुली से भरकाटोला, टटेंगा से कसही, फरदफोड़ से झीटिया, आतरगांव से अलिवारा, संबलपुर से टटेंगा के बीच बनी पुलिया अधिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन पुलियों से यात्रियों से भरी बस निकालना जोखिम भरा हो गया है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी