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पापरा-परसदा पुल अधर में

6 वर्ष पहले
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जिलामुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर पापरा-परसदा के बीच गोरियान नाला पर बन रहे ब्रिज का निर्माण किसानों ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा पूरा नहीं मिलने के कारण रुकवा दिया है। दूसरी तरफ सेतु निगम ने बाकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया है जिसको लेकर भी ऐसे किसानों में रोष है।

प्रभावित किसानों का कहना है कि आसपास के 20 गांवों के लिए पुल बहुत जरूरी है इसलिए उन्होंने अपनी जमीन सरकार को दी है पर अब तक मुआवजा नहीं मिला है इसलिए निर्माण का विरोध करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि पुल पूरा हो गया और उन्हें समय पर मुआवजा नहीं मिला तो भटकते रह जाएंगे। पुल का काम अधर में लटक जाने से अब 20 गांवों के हजारों लोगों को 15 किमी घूम कर जिला मुख्यालय जाना पड़ रहा है,सबसे ज्यादा परेशानी छात्र-छात्राओं को हो रही है। प्रभावित किसानों ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण तत्काल शुरू करने के लिए जिला प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए। प्रभावित किसानों का कहना है कि जिला प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने से ज्यादा नाराजगी है।

िकसानोंसे सहमति के बाद शुरू हुआ काम, ठगे महूसस कर रहे

प्रभावितकिसान पिछले एक वर्ष से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। मुआवजा नहीं मिलने से किसानों को आर्थिक मानसिक परेशानी हो रही है. पुल निर्माण की स्वीकृति 28 अगस्त 2012 को दी गई। 10 मार्च 2014 तक पुल बन जाना था, किसानों का कहना है कि निर्माण शुरू होते ही किसानों को मुआवजा मिल जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं हुआ अब किसान एक साल से मुआवजे के लिए भटक रहे हैं। किसानों का कहना है कि सभी बातें तय होने के बाद ही निर्माण के लिए सहमति दी गई थी।पर किसानों के साथ छल हो गया।

ईई दफ्तर में नहीं हुई सुनवाई तो बंद करवाया काम

किसानोंने बताया कि मुआवजे के लिए राजनांदगांव के पीडब्ल्यूडी सेतु निगम के ईई से मिले थे लेकिन कोई हल नहीं निकला। इस वजह से किसानों ने दिसंबर में निर्माण कार्य को बंद करा दिया था। निर्माण कार्य बंद होने के दौरान विभागीय अधिकारी ने किसानों से बात करने पहुंचे तथा मुआवजे के फिर झूठा आश्वासन देकर चले गए। अफसरों का झूठे आश्वासन से किसान ठगे महसूस कर रहे हैं।

बारिश में 15 किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है

ग्रामपापरा में हाईस्कूल नहीं है। हाईस्कूल नहीं होने, उच्च शिक्षा के लिए पापरा से लगभग 25 स्कूली बच्चे रोजाना सांकरा हाईस्कूल जाते हैं, 20 बच्चे कालेज आते हैं। छात्र नेतराम देशमुख, मुकेश कुमार, खोमलाल, मनीष कुमार, लोकेन्द्र ने बताया कि पापरा से सांकरा की दूरी 7 किलोमीटर है। लेकिन बीच में नदी पड़ता है। बरसात के दिनों में नदी को पार करना असंभव है। इस वजह से मजबूरीवश कमरौद, पिरीद, भेंगारी होकर 7 की जगह 15 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।

जमीन का अधिग्रहण लेकिन मुआवजा नहीं, हो रही परेशानी

प्रभावितकिसान लोकनाथ निषाद और गुमान सिंह ने बताया कि सेतु निर्माण के लिए विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना एवं उचित मुआवजा दिए बिना जमीन का अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है। जो अनुचित गलत है। परसदा के किसान गुमान सिंह तेली ने बताया कि उनके खसरा नंबर 57/1 रकबा 0.93 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेख में दर्ज है। लोकनाथ निषाद ने बताया कि खसरा नंबर 59 रकबा 0.34 हेक्टेयर कास्तकारी भूमि राजस्व अभिलेख में दर्ज है।

^पुल निर्माण अब तक पूरा हो जाता। किसानों ने रुकवा दिया है। पुल निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। एप्रोच रोड के लिए किसानों की खेत आड़े रही है। इस वजह से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जमीन लिए बिना काम शुरू नहीं हो सकता।” निर्भयकुमार, निर्माण एजेंसी दुर्ग

^पुल निर्माण बालोद और डौंडीलोहारा ब्लॉक के बीच में हो रहा है। ग्राम पापरा डौंडीलोहारा ब्लॉक में आता है। पुल के एक ओर सांकरा जाने वाले मार्ग पर बालोद ब्लॉक की सीमा शुरू हो जाती है। एसडीएम को दस्तावेज सौंप दिए हैं। आगे की प्रक्रिया वही करेंगे। पीकेसाहू, सब इंजीनियर पीडब्ल्यूडी

^किसानों को जमीन के बदले मुआवजा दिया जाएगा, भूअर्जन नियम अब बदल चुका है। इस वजह से समय लग रहा है। हमने ऊपर जानकारी दे दी है। हमारा भी प्रयास रहेगा कि किसानों को मुआवजा मिले पुल का निर्माण पूरा हो ताकि राहगीरों को परेशानी उठाना पड़े।” टीआरनेताम, एसडीएम डौंडीलोहारा

पुल के निर्माण के संबंध में तकनीकी जानकारी

कार्य का नाम- पापरा-परसदामार्ग में गोरियान नाला पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण, पहुंच मार्ग एवं हयूम पाइप कलवर्ट का निर्माण कार्य

प्रशासकीयस्वीकृति -2 करोड़ 69 लाख 24 हजार रुपए- दिनांक 28 अगस्त 2012

अनुबंधकका नाम- मे.निर्भय कंस्ट्रक्शन, ए-5 वर्ग ठेकेदार, शिवपारा चौक दुर्ग

ठेकेकी स्वीकृत राशि- 2करोड़ 57 हजार 17 हजार 675 रुपए एकमुश्त

कार्यआदेश तिथि - 11फरवरी 2013

अनुबंधानुसार कार्य पूर्ण करने की तिथि-10मार्च 2014

पुलकी लंबाई- 69मीटर। 17.250 मीटर का 4 स्पान

पुलकी चौड़ाई- 8.40मीटर

पुलके पथ की चौड़ाई- 7.50मीटर

इस पुल को एक साल पहले बन जाना था लेकिन किसानों के विरोध के कारण काम रुक गया है।