- Hindi News
- हड़़ताल, स्कूलों में नहीं बना मध्यान्ह भोजन
हड़़ताल, स्कूलों में नहीं बना मध्यान्ह भोजन
मानदेयबढ़ाने सहित 6 सूत्रीय मांग को लेकर गुरूवार को डौंडी ब्लॉक के मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ ने गुरुवार को बीईओ आफिस के सामने धरना-प्रदर्शन किया। रसोइयों की हड़ताल के कारण गुरुवार को ब्लॉक के सभी 218 प्राइमरी एवं 83 सरकारी मिडिल स्कूलों में मध्यान्ह भोजन नहीं बन पाया।
धरना-प्रदर्शन के लिए रसोइए सुबह 10 बजे से छोटे बच्चों को लेकर एकत्र हुए थे। दोपहर तीन बजे तक बीईओ कार्यालय के सामने सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रसोइयों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। संघ के ब्लाक सचिव उत्तम पटेल ने कहा कि 20 साल से रसोइए अल्प मानदेय 15 रुपए रोज के हिसाब भोजन बनाते रहे हैं। वर्तमान में 40 रुपए प्रतिदिन के मानदेय तक पहुंचे है। जिसके हिसाब से हमें 1200 रुपए महीना पड़ता है। उसका भुगतान भी तीन-चार महीने में किया जाता है। आज की बढ़ती महंगाई में इतने कम रुपए में परिवार चलाना मुश्किल है। एक अप्रशिक्षित मजदूर को भी 1 से डेढ़ सौ रुपए प्रति दिन की मजदूरी मिलता है। हम पूरी ईमानदारी पूर्वक अपने दायित्व निभाकर बच्चों का ताजा और पौष्टिक भोजन कराते हैं। उसके बावजूद केन्द्र और राज्य सरकार हमारे मांगाें पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए हम सांकेतिक रूप से एक दिवसीय धरना प्रदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें मानदेय के रूप में 5 हजार रुपए प्रतिमाह के साथ रसोइयों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा, ग्रीष्म कालीन अवकाश का मानदेय, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना होने पर चिकित्सा सेवा, भविष्य निधि एवं सेवानिवृत के बाद पेंशन, प्रतिमाह 10 तारीख तक मानदेय की मांग है।
रसोइए संघ ने सुबह 10 बजे छोटे बच्चों को लेकर दोपहर तक नारेबाजी की।
धरना