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- चातुर्मास के दौरान चार आराधकों ने मासक्षमण और 36 आराधकों ने किया पंच परमेष्ठी तप
चातुर्मास के दौरान चार आराधकों ने मासक्षमण और 36 आराधकों ने किया पंच परमेष्ठी तप
जैनसाध्वी स्नेहयशा के पावन सानिध्य में चातुर्मास पर तप, साधना, आराधना, उत्सव महोत्सव का क्रम जारी है। जैन समाज के लोगों को तप आराधना करते दो माह बीत चुके हैं। जैन धर्म में तप का विशेष महत्व है। ऐसे में यदि निराहार रहते हुए सिर्फ गरम पानी पीकर एक महीने का उपवास किया जाए तो यह मासक्षमण तप कहलाता है।
डौंडीलोहारा में चार आराधक अनिता बाफना, सोनल पारख, कल्पना बाफना मनोज लोढ़ा ने मासक्षमण तप किया है। आराधक अनिता बाफना ने पहली बार इतना कठिन तप किया है। सोनल पारख इसके पहले भी 16 दिनों के उपवास सहित कई छोटे-छोटे तप कर चुकी हैं। कल्पना बाफना भी इसके पहले 11 दिनों के उपवास सहित छोटी-छोटी तपस्याएं कर चुकी हैं। चातुर्मास के दौरान इन चारों आराधकों के अलावा समाज के 36 लोगों ने पंच परमेष्ठी तप किया है। जिसमें आराधकों ने 50 दिनों में 36 दिन बारी-बारी से उपवास रखा। इस तप में उपवास बढ़ते क्रम में था। पहले एक, फिर दो, तीन करते-करते आराधकों ने पांच उपवास नियतम: किया। इसके बाद पूर्णाहुति की गई और वरघोड़ा जुलूस निकालकर तपस्या महोत्सव मनाया गया। तप आराधकों ने इसका श्रेय साध्वी वृंदों को दिया है। सभी आराधकों ने जैन मंदिर में विशेष अनुष्ठान कर प्रभु को अक्षत अर्पण किया और मोक्ष की कामना की। व्यवस्था समिति के अध्यक्ष आशीष बाफना ने बताया कि 18 से 21 सितंबर तक महिलाओं बालिकाओं के लिए चंदनबाला तेले तप शुरू होगी। 21 सितंबर को नाटिका के साक्षात् मंचन के साथ पारणा (व्रत खोलना) होगा। वहीं समाज के पुरुष 18 सितंबर से भगवान पार्श्वनाथ के तेले का तप शुरू करेंगे। जिसका सामूहिक पारणा 22 सितंबर को होगा।
दिलीप धंधुकिया
कल्पना बाफना
सोनल पारख
अनिता बाफना