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पदस्थापना के बाद से आज तक शिक्षिका नहीं पहुंची स्कूल
कांकेर | इनदिनों जिले के कुछ शिक्षक स्कूल नहीं जाकर शिक्षा का स्तर गिरा रहे है और छात्रों का भविष्य खराब कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में ग्रामीणों ने शिक्षा सत्र के शुरू से स्कूल नहीं आने वाली शिक्षिका की शिकायत जिला प्रशासन से की है।
शिकायत लेकर दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम कोंडरूंज के कुछ ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंच अबतक स्कूल नहीं पहुंची शिक्षिका के संबंध में शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत कराकी के आश्रित ग्राम कोंडरूंज के प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक समेत दो शिक्षक पदस्थ थे। यहां दर्ज संख्या सौ है जिन्हें इन दो शिक्षिकों द्वारा पढ़ाया जा रहा था। प्रधान पाठक लक्ष्मण कवाची का अगस्त माह में अचानक निधन हो गया। जिसके बाद से यहां शिक्षक की समस्या होने लगी है। जबकि अगस्त से ही आमाकड़ा प्राथमिक शाला की शिक्षिका शारदा जैन का स्थानांतरण कोंडरूंज के लिए हुआ है लेकिन अबतक उक्त शिक्षिका स्कूल नहीं पहुंची है।
इस स्थिति में एक ही शिक्षक के द्वारा स्कूल का संचालन किया जा रहा है जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरपंच मंहगूराम तथा ग्रामीण नरसूराम हिड़को, श्यामलाल, जगनाथ हिड़को, राजूराम पटेल, जयलाल बोगा आदि ने शीघ्र शिक्षिका को स्कूल भेज कर स्कूल में शिक्षकों की कमी की समस्या को दूर करने की मांग की है।
पानी से घिरा गांव
मंगलवारको जिला मुख्यायल पहुंचे ग्रामीणों ने भी यही तरीका अपनाया। ग्राम कोंडरूंज के ग्रामीण स्कूल में शिक्षक की कमी की समस्या लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे। जिसमें से कुछ अपने गांव कोंडरूंज को श्रीलंका का दर्जा देते कहा कि उनका गांव श्रीलंका की तरह चारों ओर पानी से घिरा है। बारिश में गांव से निकला मुश्किल हो जाता है। दुर्गुकोंदल से कोड़ेकुर्से होकर कोंडरूंज पहुंचा जाता है। लेकिन कोड़ेकुर्से और दुर्गूकोंदल के बीच कोटरी नदी में बना एनीकट अब टूट चुका है। कोड़ेकुर्से और कोंडरूंज के बीच भुरके नदी पड़ी है और दूसरी ओर भी भुरके नदी उसे घेरे हुए है।