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गांव में अभी भी खौफ, लामबंद होकर आंदोलन का फैसला

7 वर्ष पहले
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छात्रासे दुष्कर्म के आरोप में न्यायायिक हिरासत में जेल में बंद शिक्षक राकेश कुमार से आज भी ग्राम माटवाड़ा लाल के ग्रामीण डरे हुए से हैं। ग्रामीणों को शिक्षक के काफी शातिर पहुंचवाला होने के भय में शंकाओं ने परेशान कर रखा है। इसके चलते गांव के लोगों ने एक बार फिर रविवार को बैठक आयोजित की। बैठक में शिक्षक के कुछ और भी मामले उजागर हुए जिसमें जांच की मांग लेकर ग्रामीणों ने 1 अक्टूबर को विशाल प्रदर्शन करने की बात कही।

ग्रामीणों के अनुसार शिक्षक राकेश कुमार इसके पूर्व भी अलग अलग समय में कुछ महिलाओं और लड़कियों को काम के बहाने माटवाड़ा लाल स्थित अपने फार्म हाउस में ला चुका है जो अचानक रहस्यम ढंग से कुछ दिनों बाद गायब हो जाती थी। ग्रामीणों ने आशंका जताते कहा कि वह लड़कियां कहां से लाई गई और कहां गई इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें आरोपी शिक्षक राकेश कुमार के पहुंच के कारण हमेशा डर बना हुआ है। उसके आदमी कभी गांव में पहुंच किसी भी अनहोनी घटना को अंजाम दे सकते हैं। साथ ही उन्हें यह भी शंका बनी हुई है कि यदि पीड़ित छात्रा आश्रम या कहीं और रखी जाती है वह अपनी पहुंच संबंधित आदि को दलाल के माध्यम से सेटिंग कर छात्रा का बयान भी बदलवा सकता है। इसके चलते मामले में प्रशासन को कोई ठोस निर्णय लेना होगा।

ग्रामीणों ने कहना है कि मामले में अब तक महिला छात्रा को राकेश कुमार तक पहुंचाने वाले दलाल तथा एजेंट के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। जबकि वह घटना के बाद से गांव से फरार होना बताया जा रहा है। चर्चा में एक एक करके जितनी भी बातें सामने आई सभी को मुद्दा बनाकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इसमें माटवाड़ा के आसपास के गांव मुरडोंगरी, किरगोली, पांडरवाही, माकड़ी, मललडबरी, पेटोली, सिंगराय माकड़ी, ननंदमारा, अर्जूनी, गोविंदपुर, मालगांव, कोकपुर, कोड़ेजुंगा, भीरावाही, ठेलका बोड़ के ग्रामीण छात्र छात्राएं शामिल होंगे। इसके लिए इन गांवों के सरपंच, ग्राम प्रमुख तथा शिक्षा समिति से चर्चा की जा रही है। बैठक में उप सरपंच नोहर सिंह, ग्राम प्रमुख इंदलराम, भोलाराम मंडावी, कृपाराम साहू, मंशाराम नेताम, देवकुमार सलाम, विसंभर साहू, अगनू राम समेत बड़ी संख्या में गांव के महिला पुरुष के अलावा पीड़ित छात्रा उसकी मां मौजूद थी।

कांकेर. गांव वालों ने मामले में पहले भी बैठक की थी। अब फिर बैठक कर फैसल