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नवजात की मौत नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया

7 वर्ष पहले
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कांकेर | जिलाअस्पताल में दो स्टाफ नर्स की लापरवाही से एक ग्रामीण के नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के जन्म होने की खुशी में स्टाफ नर्स ने उनसे काफी ज्यादा पैसे मांगे जा रहे थे जब उसने पैसे देने में असमर्थता जाहिर की तो बच्चे के देखभाल में बरती गई कोताही की गई, जो बनी उसके नवजात बच्चे की मौत का कारण। ज्ञात रहे कि जिला अस्पताल में मरीजों से पैसा लेने का आरोप नर्स स्टाफ पर पहले भी लग चुका है लेकिन इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने कुछ नहीं किया तो मरीजों को परेशानी हो रही है।

मिली जानकारी के अनुसार आमाबेड़ा क्षेत्र के ग्राम टिमनार निवासी डिकेश्वर प्रधान अपनी प|ी पारोबाई को प्रसव करोन सोमवार को आमाबेड़ा अस्पताल पहुंचे जहां से पारोबाई को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 3 नवंबर सोमवार की शाम 5 बजे डिकेश्वर प|ी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। रात में बच्चे का जन्म हुआ। जन्म के बाद जिला अस्पताल में प्रसव कक्ष में डयूटी दे रही दो स्टाफ नर्स ने 1700 रूपए की मांग की क्योंकि डिकेश्वर प्रधान को 17 वर्ष के पश्चात एक पुत्री के बाद पुत्र की प्रप्ति हुई थी। डिकेश्वर ने इतने रूपए देने में असमर्थता जाहिर करते अपने साथ पहुंचे एक रिश्तेदार से 200 रूपए मांगकर दोनों नर्स को दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इससे दोनों नर्स नाराज हो गई शेषपेज 16 पर



तथाउसकी देखभाल में कोताही बरतने लगी। बच्चे ने खराब पानी पी लिया जिसके चलते मंगलवार की रात को बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। बच्चे को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी लेकिन नर्स द्वारा देखभाल में कोताही बरतते परिजनों या डाक्टरों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चा अस्पताल में भर्ती था तब कोई डाक्टर भी देखने नहीं पहुंचा। बच्चे की हालत और नाजुक होने पर तुरंत रेफर कर दिया गया। डिकेश्वर अपने बच्चे को लेकर धमतरी के एक नर्सिग होम पहुंचा जहां पता चला की बच्चे ने काफी खराब पानी पी लिया है। इलाज के दौरान गुरुवार सुबह 7 बजे नवजात ने दम तोड़ दिया।

नवजातलेकर पहुंचा जिला अस्पताल : मौतके बाद काफी ज्यादा दुखी डिकेश्वर मृत नवजात को झोले में डालकर जिला अस्पताल प्रबंधन को वस्तुस्थिति से अवगत कराने पहुंचा। मुलाकात नहीं होने पर मीडिया को सारी सच्चाई से रूबरू कराने के बाद निराश मन से वापस लौट गया। डिकेश्वर ने साफ-साफ