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सेना में जाने युवाओं का सैलाब

7 वर्ष पहले
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थलसेना में भर्ती को लेकर इलाके के युवाओं में काफी उत्साह नजर आया। जोश इतना की सुबह होने वाली दौड़ को लेकर आधी रात को ही युवा लाइन में लगना शुरू हो गए थे। सुबह जिले में ब्लैक आउट होने के कारण भर्ती प्रक्रिया एक घंटे विलंब से शुरू हो पाई।

6 नवंबर से थल सेना भर्ती नरहरदेव स्कूल के मैदान में शुरू हो चुकी है। तीन दिवसीय भर्ती प्रकिया 8 नवंबर तक चलेगी जिसमे 7 जिले के अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। 6 नवंबर को होने वाले पहले दिन की भर्ती में कांकेर के साथ नारायणपुर, सुकमा, कांकेर बीजापुर के युवको ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

7 नवंबर को कोंडागांव, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बस्तर के युवक शामिल होंगे। थल सेना भर्ती में होने वाले दौड़ के अलावा अन्य शारीरिक परीक्षण हुए। सुबह 4 बजे शुरू होने वाली भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने युवाओं में इतना जोश था की रात में 1.30 बजे से ही लाइन में लग गए थे। सुबह बिजली सप्लाई प्रभावित होने के कारण भर्ती के लिए दौड़ शुरू होने में एक घंटा विलंब हुआ। सुबह 11 बजे तक नरहरदेव स्कूल के प्रवेश द्वार पर काफी भीड़ हो गई थी। दौड़ से पहले युवाओं का शारीरिक परीक्षण किया गया। प्रशासन द्वारा नि:शुल्क आवास व्यवस्था तथा रियायती दरों पर भोजन व्यवस्था किए जाने से भर्ती में भाग लेने पहुंचे युवाओं में संतोष दिखा।

क्षमता पर रखें भरोसा

कांकेर. सेना में भर्ती होने युवाओं का किया गया शारीरीक परीक्षण।

^थल सेना की भर्ती को लेकर युवाओं में काफी उत्साह है। उम्मीद से ज्यादा युवक भाग ले रहे हैं। सभी का फोटो भी लिया जा रहा है जिसे कम्प्यूटराईज्ड किया जा रहा है। सेना भर्ती में शामिल होने युवक अपनी क्षमता पर भरोसा रखे क्योंकि किसी के कहने पर सेना में भर्ती नहीं होगी। दलालों से पूरी तरह से बचे” सुहैलजैदी, कर्नल,थल सेना

बुखार में भी लगाई दौड़ सफलताभी मिली

कांकेरजिले के अंदरूनी गांव के योगेश कुमार ने कहा कि उसका बचपन से ही सपना सेना में जाने का है। काफी समय से तैयारी भी चल रही थी। कल रात हल्का ज्वर भी था फिर भी जोश इतना की में आकर दौड़ लगाई और वह दौड़ में सफल रहा। चारामा के रेमन साहू ने बताया कि बाल्यकाल से उसकी रुचि सेना में जाने की थी। दो माह से काफी अच्छा अभ्यास रोजाना चल रहा था। दौड़ में सफल होने पर वह काफी खुश है। ग्राम लिलेझर के भूपेंद्र भेड़िया, भिलाई के गोविंद, दिलेश जैन ने कहा कि