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शिक्षक नहीं, धूल खा रहे स्कूलों में उपकरण
काफीकम स्कूलों में छात्रों के लिए व्यवसायिक ट्रेड शिक्षा संचालित हो रही है। जिन स्कूलों में व्यवसायिक ट्रेड शिक्षा दी जा रही है वहां पर स्थिति काफी खराब है। नरहरदेव स्कूल कन्या उमा विद्यालय में शिक्षकों की कमी से व्यवसायिक शिक्षा की स्थिति काफी गंभीर है जहां शिक्षक की कमी से ट्रेड बंद भी हो चुके हैं। काफी समय से शिक्षक की मांग की जा रही है लेकिन शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
शासकीय नरहरदेव स्कूल में व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई कई वर्षों से हो रही है। घरेलू विद्युत सुधार उपकरण के लिए पहले ट्रेड की शुरूआत 1993 में हुई। कुछ वर्ष बाद स्टेनो टायपिस्ट मोपेड सुधार ट्रेड की शुरूवात हुई। सभी ट्रेड में तीन-तीन व्याख्याता पद स्वीकृत हुए लेकिन स्टेनो टायपिस्ट मोपेड सुधार में तीनों व्याख्याता पद रिक्त हैं। मोपेड स्टेनो ट्रेड स्कूल में बंद पड़ा है क्योंकि इन ट्रेडो में कोई शिक्षक पढ़ाने नहीं होने से किसी छात्र ने दाखिला नहीं लिया। कुछ वर्षों तक मोपेड स्टेनो में एक-एक व्याख्याता की नियुक्ति हुई थी लेकिन अब कोई शिक्षक नहीं है। मोपेड स्टेनो का जो सामान प्रायोगिक के लिए मिला है वह उपयोग नहीं होने से अनुपयोगी पड़ा हुआ है।
स्टेनो के लिए टायपिंग मशीन आलमारी में बेकार पड़ी है। नरहरदेव स्कूल में व्यवसायिक शिक्षा में सिर्फ घरेलू विद्युत सुधार उपकरण का ट्रेड चल रहा है जिसमे तीन व्याख्याता पद में से सिर्फ एक शिक्षाकर्मी वर्ग 3 सुभाष बिंजोला ही कार्यरत है। घरेलू विद्युत सुधार उपकरण के ट्रेड में 11 वीं में 11 12 वीं में 18 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। दोनों ही ट्रेड की कक्षा एक ही कमरे में संचालित होने से पढ़ाई में अव्यवस्था उत्पन्न होती है। 1993 में घरेलू विद्युत सुधार उपकरण के लिए जो प्रायोगिक सामान मिला था वही उपयोग में लाया जा रहा है। इसके बाद शासन से कोई सामान नहीं मिला है।
शिक्षकों की मांग की जा रही है
शासकीयनरहरदेव स्कूल की प्राचार्य गया घ्रुव ने कहा उक्त तीनों ट्रेड में शिक्षक की कमी है। शिक्षक की कमी के कारण व्यावसायिक में दो ट्रेड तो काफी समय से बंद है। शिक्षक की कमी के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। शासकीय कन्या उमा विद्यालय की उपप्राचार्य शबनम चांद ने कहा फल एवं सब्जी परीक्षण में कोई शिक्षक नहीं है तीनों पद रिक्त हैं। शिक्षक की मांग की जा रही है। शिक्षक का