पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मक्का भी समर्थन मूल्य पर खरीदे सरकार, मांग

मक्का भी समर्थन मूल्य पर खरीदे सरकार, मांग

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बांदे | परलकोटके किसानों की तकलीफ कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। धान खरीदी में प्रदेश सरकार द्वारा प्रति एकड़ 10 क्विंटल एवं 5 क्विंटल लिंकेज खरीदी का फरमान जारी किया गया है जिससे किसान अपनी सालभर की मेहनत बिचौलियों को बेचने को मजबूर हैं। दूसरी फसल के रूप में परलकोट क्षेत्र के ग्रामीण बड़े पैमाने पर मक्का फसल लगाते हैं लेकिन मक्का फसल सरकार द्वारा नहीं खरीदने से किसान अपनी फसल औने पौने दाम पर बिचौलियों को बेचने मजबूर हैं।

नागरिक आपूर्ति निगम कांकेर की अनदेखी के चलते आज परलकोट क्षेत्र अंतर्गत आने वाले 33 धान खरीदी उपार्जन केंद्र के बोर्ड पर सुनहरे अक्षरों से लिखा जरूर होता है की मक्का प्रति क्विंटल 1310 रू परंतु होता इसके उल्टा ही है। ये योजना सिर्फ कागजों में ही संचालित होती है। मक्का खरीदने कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पिछले वर्ष भी क्षेत्र के किसानों के मक्का का एक दाना भी नहीं खरीदा गया। इस वर्ष भी खरीदी प्रारंभ हुये 15 दिन हो गए हैं लेकिन नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है। खुले बाजार में बिचौलियों द्वारा मक्का प्रति क्विंटल 800 से 900 रुपए में खरीदा जा रहा है। यानि प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपया का नुकसान।

किसान केनाराम हालदार, संतोष कीर्तनिया, गोपीनाथ हालदार, हर्षित मृधा, जोगेन मंडल, इंद्रजीत विश्वास, अमल, सपन कर्मकार, उदय मंडल, मोदुराम, सचिन बाईन, जनार्दन सरकार, विभूति घोष, दिलीप बाईन, देवरंजन हालदार, साधन विश्वास, मुकुल पाल, सुशील घरामि, विवेक पाल, रंजीत डे, बादल मंडल, उत्तम पाल, निमाई, दामला मांडवी, धीरेन साहा, गितिश सिकदार, बहादुर नेताम ने कहा प्रदेश सरकार को मक्का खरीदी के लिये सार्थक पहल करनी चाहिए। समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीदी की जाती तो किसानों को बिचौलियों के हाथों अपनी मेहनत को औने पौने दाम पर नहीं बेचना पड़ेगा।

बिचौलिए देते हैं धोखा

बिचौलियोंद्वारा क्षेत्र के मक्का उत्पादक किसानों को कई बार छला जा चूका है। मक्का की बिक्री समर्थन मूल्य पर नहीं होने से बिचौलियों अपनी मर्जी से रेट निर्धारण कर दिया जाता है। नगद खरीदी करने पर बिचौलियों द्वारा किसानों को 50 रुपया कम दिया जाता है। उधारी मक्का खरीदने पर 100 से 150 रुपया देने का लालच दिया जाता है और यहीं किसान गलती कर जाते हैं। ज्यादा पैसों के लालच में किसान अपना मक्का तो