तालाब किनारा बन गया शराबियों का अड्डा
अलबेलापारातालाब तट में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। इसका फायदा उठा तालाब तट में असामाजिक तत्व शराबी अपना अड्डा जमा लेते हैं। मार्ग में बिजली पोल, लाईटें भी लगी है लेकिन जलती नहीं है। रात में अंधेरा होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। लोगों ने यहां लाईट की व्यवस्था के साथ पुलिस गश्त की भी जरूरत बताई है।
अलबेलापारा तालाब तट में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। मार्ग में बिजली पोल के साथ लाईटें भी लगी जरूर है लेकिन जलती नहीं है। तालाब तट में रात के दौरान वार्डवासियों को अंधेरा होने के आवागमन में परेशानी होती है। तालाब तट के मेड़ में अक्सर आसामाजिक तत्व का जमावाड़ा रात में बना रहता है। युवतियों, महिलाओं बच्चों को तो रात के अंधेरे में आवागमन करने में काफी डर बना रहता है। वार्डवासियों के अनुसार कई वर्ष पहले तालाब तट में एक महिला के साथ दुष्कर्म की घटना भी हुई थी जिसके बाद से सभी भयभीत रहते हैं।
वार्डवासी तालाब तट को असामाजिक तत्वों से छुटकारा दिलाना चाहते हैं। तालाब तट अलबेलापारा वार्ड सिविल लाईन, माहुरबंदपारा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। वार्ड के रामनारायण उइके, शांति कुमेटी, मनोज साहू, हिमांशु निषाद ने कहा तालाब तट में समुचित प्रकाश व्यवस्था होनी चाहिए। स्कुली छात्रा निशा मंडावी, नीता मरकाम ने कहा कि तालाब तट में हमेशा अंधेरा रहता है जिससे युवतियों, महिलाओ को शाम के बाद आने जाने में खतरा बना रहता है।
भंडारीपारा तालाब तट में भी अंधेरा
भंडारीपाराका मारादेव तालाब वार्ड के शीतलापारा तालाब से आवागमन के लिए जुड़ा हुआ है। इस मार्ग में इक्के-दुक्के बिजली पोल में लगे लार्ईट जलते हैं। अंधेरा रहने से वाहन चालको राहगीरों को आवागमन में परेशानी होती है। रात में कई बार भालू भी पहाड़ी की तरफ से तालाब में पानी पीने पहुंच जाते हैं। सांप-बिच्छु का खतरा भी बना रहता है। वार्ड के संतोषी यादव, प्रेमबती यादव, रामबाई नेताम, संगीता पटेल ने कहा तालाब तट में बेहतर ढं¸ग से लायटिंग व्यवस्था होना जरूरी है। अंधेरे में आवागमन को लेकर काफी परेशानी होती है।
रात में रोशनी नहीं
कांकेर. अलबेलापारा तालाब तट का मार्ग जहां बिजली पोल है, लाईटें भी लगी है लेकिन जलती नहीं।