डेढ़ लाख क्विंटल हुई खरीदी धान
खरीदी केंद्रों में पहुंचने लगे किसान, 11 दिनो में एक लाख 22 हजार क्विं हुई धान की खरीदी। 27 हजार 117 क्विंटल का किया उठाव मिलर्स ने।
भास्करन्यूज | जगदलपुर
बिनाब्याज के कर्ज लिए किसानों का खरीदी केंद्रों में पहुंचने लगे हैं जिससे धान की आवक बढ़ गई है। 11 दिनों में संभाग में अब तक एक लाख 22 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इसमें बस्तर जिले में 23 हजार 473 क्विंटल, सुकमा में 1985 क्विंटल धान बेच दिया है। 31 जनवरी तक होने वाली इस धान खरीदी में सबसे अधिक 70 हजार 990 क्विंटल धान खरीदी कांकेर जिले में हुई है।
सबसे कम 362 क्विंटल दंतेवाड़ा में हुई है। जिसको लेकर वहां के खरीदी प्रभारी से लेकर समिति संचालक काफी परेशान हैं। संभाग के 258 धान खरीदी केंद्रों में से अब तक केवल 170 में ही बोहनी हुई है। जिसमें बस्तर के 40, बीजापुर 3, दंतेवाड़ा 2, कांकेर 83, कोंडागांव 34, नारायणपुर, 6 और सुकमा के दो केंद्र शामिल हैं।
16करोड़ 97 लाख रुपए की हुई खरीदी : हरदिन बढ़ रही खरीदी के चलते अब तक संभाग के 170 धान खरीदी केंद्रों में खरीदी प्रभारियों ने अब तक 16 करोड़ 97 लाख 95 हजार 632 रुपए की धान खरीदी कर ली है। जिसमें मोटे धान 3 करोड़ 44 लाख 76 हजार 734 पतले धान की 13 करोड़ 51 लाख 61 हजार 118 सरना धान की कीमत एक लाख 57 हजार 760 रुपए है। इसमें भी सबसे अधिक पतला धान कांकेर जिले में 8 करोड़ रुपए का खरीदा गया है।
संग्रहण केंद्र में नहीं पहुंचा धान
धानके भंडारण में लापरवाही नहीं होने को लेकर इस साल शुरू से ही खाद्य विभाग और मार्कफेड ने दबाव बनाया था। जिसका असर अब तक हुए धान के उठाव पर दिख रहा है। जिला सहकारी बैंक के मुताबिक संभाग में अब तक एक दर्जन से अधिक मिलर्स को तौल के बाद 27 हजार 115 क्विंटल धान का उठाव करने के लिए डीओ जारी कर दिया है। इसके बाद भी 94 हजार 892 क्विंटल धान खरीदी केंद्रों में जाम है। डीएमओ एलआर साहू ने बताया कि संग्रहण केंद्र में एक क्विंटल भी धान नहीं पहुंचा है। बस्तर जिले में अब तक मिलर्स को 40 खरीदी केंद्रों से 8 हजार 500 क्विंटल धान का उठाव करने के लिए डीओ जारी किया गया है।
^धान खरीदी की मात्रा लगातार बढ़ रही है। 48 घंटे के अंदर सभी केंद्रों में बोहनी होने की संभावना जताई जा रही है। किसी भी खरीदी केंद्र से गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है।\\\'\\\' डीसीठाकरे