- Hindi News
- कांग्रेस के आदिवासी नेताओं को निशाना बना रही सरकार
कांग्रेस के आदिवासी नेताओं को निशाना बना रही सरकार
शनिवार को कांकेर में कांग्रेस का संभाग स्तरीय सम्मेलन था। अलग अलग जिले के पदाधिकारियों से बंद कमरे में प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि भाजपा हमारे आदिवासी विधायकों को निशाना बनाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा रही है। इससे लग रहा है भाजपा का टारगेट है कि आदिवासी नेतृत्व को खत्म करना। हमें सांप्रदायिक ताकतों से लड़ना होगा।
शहर के नए कम्युनिटी हाल में आयोजित सम्मेलन में सबसे पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सभा को संबोधित कर कहा कि भाजपा दबाव बनाकर कांग्रेस को हराने का काम कर रही है। कहीं मतगणना में तो कहीं टेबुलेशन में परिणामों में फेरबदल किया जा रहा है। हमें इसका मौके पर ही विरोध करना है क्योंकि इसके लिए न्यायालय में जाने काफी लंबा समय लग सकता है। गांधावादी तरीके से ही इसका विरोध करना होगा। मनरेगा के कार्यों के संबंध में उन्होंने कहा दिसंबर माह में मनरेगा के कार्य स्वीकृत हो जाते थे और जनवरी फरवरी में कार्य शुरू हो जाते थे लेकिन इस सत्र में अब तक ऐसा नहीं हुआ है। बघेल ने कहा कि प्रत्येक वह कार्यकर्ता जिसके पास जाब कार्ड है वह सचिव से कार्य की मांग करे, आवेदन दे और बोले हमें काम दें, यह उसका हक है।
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव, प्रदेश महासचिव राजेश तिवारी, देववत्ती कर्मा, लखेश्वर बघेल, कवासी लखमा, छबिंद्र कर्मा, मनोज मंडावी, शंकर ध्रुवा, विक्रम मंडावी, नंदनी साहू, तरसेम सिंह गिल, मलकीत सिंह गेंदू, शैलेंद्र नितिन तिवारी, नरेश ठाकुर, जितेंद्र सिंह ठाकुर, गंगा पोटाई दिलीप खटवानी, समेत बड़ी संख्या में संभाग के पदाधिकारी शामिल हुए। एक बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम शाम 6 बजे तक चला। इसमें बस्तर संभाग भर से कांग्रेस के दिग्गज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नव निर्वाचित उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाकर कांग्रेसियों ने जिला प्रशासन का पुतला दहन किया।
टीएस सिंह देव ने कहा अब शर्म होने लगी है कि एक अमला जिसकी जवाबदारी होती है आम लोगों की सुरक्षा करना उन्हें ये नहीं पता होता कि नक्सली कहां हैं, जबकि नक्सली को यह पता होता है कि फोर्स कहां जा रही है अमला कहां जा रहा है। इससे स्वभाविक है एसी हर घटना के पीछे चाहे वह झीरम घाटी की घटना हो। हमारे इतने बढ़े तंत्र को इसकी जानकारी तक नहीं होती है। हमारे सिपाही एरिया डामिनेशन के लिए जाते हैं और पूरे क्षेत्र में घूमकर जब वे वापस आते हैं तब ठीक कैंप पहुंचने के दौरान उन हमला हो जाता है। किस बात की कमी है, सूचना के तंत्र की कमी है, जिसके अभाव में हमारे लोग मारे जा रहे हैं। इन घटनाओं के लिए कौन से अधिकारी को सरकार ने बर्खास्त किया है। क्या डीजीपी या फिर आईजी, एसपी ये सूचना तंत्र को मजबूत नहीं कर पा रहे हैं जिसका नतीजा है लगातार यह घटनाएं हो रही हैं और अब आमने सामने युद्ध होगा। शहीद अविनाश शर्मा तीन साल बाद भी नक्सली एरिया में पदस्थ थे जबकि उन्हें वहां हटा देना चाहिए था। वे नक्सलियों की हिट लिस्ट में थे। इसके बावजूद उनका तबादला नहीं किया गया। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
विधानसभा में उठाएंगे शहीद अविनाश का मामला
अपना पल्ला झाड़ रही राज्य सरकार : सिंहदेव
नेताप्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा झीरम मामले में राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी दूसरे के सिर पर मढ़ रही है। ऐसा पहले कहीं नहीं सुना होगा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री ये कहें कि पुलिस विभाग की जवाबदारी उसकी नहीं है। पुलिस विभाग की है। झीरम घाटी कांड के लिए षड़यंत्र रचा गया था। जिसमें सबसे अहम बिंदु है दो दिन पूर्व तक पुलिस की पूरी फोर्स साथ में लेकिन घटना वाले दिन कोई तैनात नहीं था। इस बिंदु को तो शासन और ही जांच छूना नहीं चाह रहा है।
चर्चा कहीं बाहर जाए
चर्चाबंद कमरे में जिलेवार की जानी थी जिसको लेकर संबोधन के दौरान भूपेश बघेल ने पदाधिकारियों को हिदायत दी कि एक एक कर जिले के पदाधिकारी आएं और अपनी बात रखें। पार्टी के लिए रणनीति बनाएं। पार्टी के बीच हुई चर्चा का कहीं और करें। चर्चा बाहर जाए इस पर विशेष ध्यान रखें। बंद कमरे में सबसे पहले बीजापुर के पदाधिकारियों से चर्चा की गई। इसके बाद सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर कोंडागांव के बाद अंत में कांकेर के पदाधिकारियों से चर्चा की गई।
चुनाव जीतने प्रशासन पर दबाव बना रही सरकार
पत्रकारोंसे चर्चा करते टीएस सिंह देव त्रिस्तरीय चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा है। पिछले साल से हेट्रिक की बात करके जिस तरह छग शासन ने मुख्यमंत्री रमन सिंह ने छग के नागरिकों के हित को दरकिनार रखकर के शासन चलाने का प्रयास किया। चाहे वह राशन कार्ड की बात हो या धान खरीदी की बात, चाहे जहरीली दवाई के सेवन वितरण की बात रही है। अनेक मुद्दों पर विफल रही सरकार को मतदाताओं ने जवाब दिया है। अपनी इज्जत बचाने, अपने असली चेहरे को ढांकने आज रमन सरकार प्रशासन पर दबाव बना कर जिला जनपद में गठन करने का प्रयास कर रही है। पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का बेहतर प्रदर्शन है। पंचायत राज अधिनियम की क्या स्थिति है इसे ही शासन ने स्पष्ट करके नहीं रखा है। अनेको जगह जिला प्रशासन ने यह कहा एक बार चुनाव हो गया उसके बाद हम पुनर्मतगणना नहीं कराएंगे। पंचायती राज परिणाम में याचिका की स्थिति बन सकती थी। इस शासन ने अपने पक्ष को बचाने जो खेल खेला है उसमें जो प्रोफार्मा पंचायती राज के नतीजे के जो घोषणा पोलिंग बूथ में उपलब्ध कराना था उसे नहीं किए। एक उम्मीदवार को कितने वोट मिले उसे दिया। लेकिन अन्य उम्मीदवार को फार्म में भर कर विवरण नहीं दिया और उसी में खेल खेल रही है।
कांकेर। प्रेस से चर्चा करते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तथा नेता प्रतिपक्ष।