पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सिंचाई सुविधा के साधन सीमित, किसान परेशान

सिंचाई सुविधा के साधन सीमित, किसान परेशान

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिले में सिंचाई सुविधा के अभाव में किसान सिर्फ मानसून पर निर्भर रहते हैं। बारिश कम होने पर तो स्थिति गंभीर हो जाती है। रबी के दौरान सिंचाई सुविधा के अभाव में काफी परेशानी होती है। जिले भर में सिंचाई के लिए लद्यु तालाब की संख्या 96 हैं और 2 मध्यम वर्ग के जलाशय हैं लेकिन अभी रबी में 2 मध्यम जलाशय मयाना परलकोटल के साथ लघु श्रेणी के 65 तालाब मात्र हैं। किसानों विशेषज्ञों के अनुसार जिले भर में नहर नाली की सुविधा काफी कम है। जहां है वहां भी तकनीकी खराबी के कारण किसानों को पानी नहीं मिल पाता है।

इस वर्ष सिंचाई का लक्ष्य 4210 हेक्टयेर रखा गया है। इस वर्ष रबी फसल उत्पादन का लक्ष्य 65 हजार हैक्टेयर रखा गया है जिसमें से 64905 हेक्टयेर में बोनी हो चुकी है। जिले भर में सिंचित रकबा क्षेत्र काफी कम है। कृषि विभाग के अनुसार जिले भर में रबी का सिंचित रकबा क्षेत्र 26,385 हेक्टयेर है। खरीफ में भी सिंचित क्षेत्र 54,435 हेक्टयेर है। प्राय: किसान बारिश के भरोसे फसल लगाते हैं। खरीफ के दौरान भी अच्छी बारिश होने पर किसान खुश रहते हैं और कम बारिश होने पर काफी नुकसान किसानों को होता है। रबी के दौरान समस्या गंभीर हो जाती है।

जहां नहर नाली की सुविधा है वहां भी तकनीकी खराबी के कारण पानी पूरी तरह नहीं पहुंच पाता है। ग्राम कोकपुर में खमढ़ोड़गी जलाशय का पानी पूरी तरह से मिलकर आधे किसानों को ही मिलता है। ग्राम मलगांव तक नहर नाली जरूर बनी है लेकिन रबी के दौरान किसानों के खेतों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। दुधावा क्षेत्र में भी नहर नाली का पानी नरहरपुर कांकेर क्षेत्र के किसानों को काफी कम मिलता है। धमतरी क्षेत्र के किसान ही लाभान्वित होते हैं। नहर नाली की संख्या भी जिले भर में काफी कम है। कई गांवों में तो नहर नाली ही नहीं बनी है। ग्राम भावगीर नवागांव के लखनलाल साहू, ठेलकाबोड़ के दोलेश जैन, मालगांव के धनुषधर सिंह ठाकुर, रोहित साहू, दिलीप साहू, लोकेश पटेल, दसपुर के सालिक साहू, राजहंस मटियारा ने कहा सिचाई सुविधा काफी कम है। नहर नाली का विस्तार होना चाहिए।

कांकेर। सिंचाई सुविधाओं का जिले में अभाव है। जो नहर नालियां है उनमें भी खामियों के चलते नहीं मिल पाता पानी।

जलस्तर बना रहेगा

कईकिसान नहर नाली के अभाव में नदी में बोर कराकर अपने खेत, बाड़ी में बोर कर फसल की सिंचाई करते हैं जिससे नदी का जलस्तर घटता है और ग्रामीणों को निस्तारी के लिए परेशानी होती है। पशु पक्षियों को भी परेशानी होती है। यदि नहर नाली की सुविधा बढ़े तो समस्या का निराकरण भी होगा।

केकेकूकूकूके

^जिलेभर में सिंचित क्षेत्र काफी कम है। सिंचाई के लिए जिले में नहरों की संख्या काफी कम है। कई किसान रबी में फसल का लाभ नहीं ले पाते हैं। चिरंजीवसरकार, उप-संचालक, कृषि विभाग