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अंतागढ़ में सबसे बड़ी जीत भोजराज ने रिकार्ड बनाया
इस उपचुनाव अंबेडकर राइट पार्टी के रूपधर पुड़ो को सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा
भास्करन्यूज | कांकेर
नारायणपुरसीट से लेकर अंतागढ़ विधानसभा बनने के बाद तक इस विधानसभा सीट के लिए जितने भी चुनाव में हुए उसमें से इस उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने अब तक के सभी विजेता उम्मीदवारों के जीत के रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भोजराज ने भारी मतों से जीत कर एक नया रिकार्ड कायम किया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के प्रत्याशी बनाए गए मंतू पवार ने मैदान छोड़कर भाजपा के भोजराज नाग को रिकार्ड बनाने का सुनहरा अवसर प्रदान किया। इस उपचुनाव की तरह ही पहले भी दो बार अंतागढ़ विधानसभा सीट पर दो चुनावों में दो ही उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर हुई थी लेकिन जीत का अंतर काफी कम था।
नारायणपुर से लेकर अंतागढ़ के इस उपचुनाव तक के सफर में अब तक कुल 15 चुनाव हुए हैं। जिसमें उपचुनाव 2014 में मैदान में उतरे भाजपा के भोजराज नाग ने अपने निकटतम प्रतीद्वंदी अंबेडकर राईट पार्टी के रूपधर पुड़ो को 51530 मतों के बड़े अंतर से हरा कर रिकार्ड कायम किया। इसके पूर्व तक अंतागढ़ सीट पर किसी भी विजेता उम्मीदवार ने अपने निकटतम प्रत्याशी को इतने अधिक वोटों के अंतर से नहीं हराया था। हर हार जीत का अंतर काफी कम ही रहा है।
भोजराज के रिकार्ड बनाने के पूर्व तक इस सीट पर सबसे अधिक वोटों से जितने का रिकार्ड निर्दलीय प्रत्याशी राम भरोस के नाम पर था। 1962 में हुए नारायणपुर (अंतागढ़) विधानसभा चुनाव में भी उपचुनाव की तरह ही मैदान में दो उम्मीदवार ही मैदान में आमने सामने थे। जिसमें निर्दली प्रत्याशी राम भरोस ने कांग्रेस के महीपाल सिंग को कुल 13678 वोटों से हराया था जो अबतक का रिकार्ड था। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राम भरोस को 20824 तथा कांग्रेस के प्रत्याशी महिपाल सिंग को 7146 वोट मिले थे। विदित हो की उप चुनाव 2014 में भोजराज नाग को 63616 तथा अंबेडकर राइट पार्टी के रूपधर पुड़ो को 12086 वोट मिले हैं। और दोनों के बीच वोटों का अंतर 51530 है।
सबसे कम अंतर विक्रम मंतू के बीच
अंतागढ़विधानसभा में सबसे कम अंतर से जितने हारने का रिकार्ड का भाजपा के विक्रम उसेंडी तथा कांग्रेस के मंतू पवार के नाम है। जब जब वे आमने सामने हुए है तब तब परिणाम काफी नजदीकी रहा है। पहली बार 1993 विक्रम उसेंडी ने मंतू पवार को मात्र 316 वोटों से हराया था। इसके