- Hindi News
- भय से नसबंदी कराने में पुरुष महिलाओं से पीछे
भय से नसबंदी कराने में पुरुष महिलाओं से पीछे
नसबंदीकार्यक्रम में प्रोत्साहन के रूप में शासन द्वारा पुरूषों को महिलाओं से दोगुना पैसा दिया जाता है। दोगुना पैसा पाने के बावजूद पुरूष महिलाओं से नसबंदी कराने में काफी पीछे है। भरपूर प्रोत्साहन राशि ओर प्रचार प्रसार के बाद पुरूष नसबंदी में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जबकि पुरूषों को नसबंदी के लिए आधुनिक से आत्याधुनिक सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इतना सबकुछ होने के बावजूद पुरूषों द्वारा नसबंदी नहीं कराने का कारण विशेषज्ञ पुरूष को डरा हुआ होना बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुरूष ऊपर से तो काफी ताकतवर दिखता है लेकिन अफवाहों के डर के चलते वह नसबंदी कार्यक्रम में भाग लेने में महिलाओं से काफी पीछे है। पिछले कुछ वर्षो में जिले में हुए नसबंदी का आंकड़ा देखे तो जनसंख्या वृद्धी रोकने में महिलाएं ज्यादा ही जागरूक नजर रही है।
साथ ही पिछले कुछ वर्षो में चौंकाने वाली यह बात सामने आई है कि नसबंदी कराने वाले पुरूषों की संख्या लगातार घटती जा रही है। पिछले 9 वर्षो के आंकड़ों को देखा जाए तो साफ है कि महिलाओं की तरह पुरुष नसबंदी के लिए जागरूक नहीं हुए हैं। पिछले 9 वर्षो में 9407 पुरूष ही नसबंदी कराई हैं जबकि इनकी तुलना में 29134 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक के अस्पतालों में अत्याधुनिक पद्धति से बिना चीर फाड़ के पुरुषों की नसबंदी योजना शुरू कर दी गई है। महिलाओं के ऐसी कोई विशेष व्यवस्था नहीं है।
आज भी पुरुष नसबंदी कराने के मामले में महिलाओं को आगे कर खुद पीछे रह जाते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि नसबंदी को लेकर पुरूषों के मन में आज भी भय तथा गलत धारणा है कि नसबंदी से पुरुष कमजोर हो जाता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्या विभाग का कहना है कि नसबंदी के लिए हर वर्ष जोर शोर से प्रचार प्रसार किया जाता है। गांव गांव में कैंप लगाए जाते हैं। नसबंदी कराने वाले पुरुषों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 11 सौ रूपए तथा महिलाओं को 600 रूपए दिया जाता है। इसके बाद भी गांवों में पुरुष नसबंदी कराने के लिए तैयार नहीं होते। हकीकत यह है कि नसबंदी के मामले में पुरुषों की तुलना में महिलाएं परिवार छोटा रखने पुरुषों की तुलना ज्यादा जागरूक हैं।
विशेषज्ञों का कहना है गलत धारणा
^पुरूषडरते हैं कि नसबंदी से उनकी कार्य क्षमता प्रभावित होगी। उनके अंदर कहीं कहीं यह भी