चालान के अगले दिन फिर टूटे नियम चालक बोले- बस नाम की कार्रवाई
यात्रियों को हादसे से बचाने के लिए यातायात पुलिस ने मंगलवार से यात्री बसों व वाहन के खिलाफ अभियान छेड़ते कार्रवाई शुरू की। लेकिन 24 घंटे बाद ही अभियान की हवा निकल गई और सबकुछ अपने ढर्रे पर चलने लगा। बस चालक बेखौफ होकर यात्रियों और सड़क पर चलने वाले राहगीरों की जान जोखिम में डाल वाहन दौड़ाते रहे। पूछने पर कुछ चालकों का कहना था कि ऐसी कार्रवाई सिर्फ नाम मात्र की होती हैं।
यातायात पुलिस ने मंगलवार को नंदनमारा के निकट मोबाइल चेक पोस्ट लगा कार्रवाई शुरू की थी जिसमें एेसे 30 यात्री बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिनके द्वारा लापरवाही पूर्वक तेज गति व बस में किराया सूची नहीं होने, चालक परिचालक के वर्दी नहीं पहनने व क्षमता से अधिक सवारी बैठाई गई थी। कार्रवाई के अगले दिन बुधवार को यात्री बसें सारे नियमों को ताक में रख पुराने ढर्रे पर चलती रही। इसकी जांच कर कार्रवाई करने कहीं भी यातायात का अमला तैनात नहीं था।
स्टॉपर को किया नजरअंदाज
बाहर से बस स्टैंड की ओर आने वाली बसें शहर के बाहर तो दूर शहर के अंदर व स्कूल के पास भी पूरे रफ्तार चलाई जाती रही। जबकि स्कूलों के निकट गति को कम करने स्टापर भी लगाए गए हैं। जिसे चालक नजर अंदाज कर वाहन दौड़ाते रहे। इससे स्कूल की छुट्टी के बाद निकले छात्रों पर दुर्घटना की आशंका बनी रही।
खतरे के बीच चलते हैं स्कूली बच्चे
शहर में अब भी कई स्कूल एेसे हैं, जिनके द्वारा अब तक अपने वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। सत्र शुरू होने के साथ ही वाहनों में सुरक्षा के इंतजाम करने शिक्षा विभाग व पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन यह भी खानापूर्ति की कार्रवाई नजर आई। निमयानुसार बसों की खिड़कियों पर जाली लगी होनी चाहिए, जिससे की छोटे बच्चों के गिरने का खतरा न रहे। साथ ही बस में कैमरा भी लगवाने की बात प्रशासन ने शुरू की थी, लेकिन इस दिशा में कुछ भी होता नहीं दिख रहा है। इसके अलावा छोटे स्कूली वाहनों के पिछले हिस्से को भी कवर किए जाने का नियम है लेिकन शहर में स्कूली बच्चे पीछे से खुले वाहनों में बैठे दिखाई दिए। जिन पर विभाग की आेर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अभियान के 24 घंटे बाद गाड़ी में फिर ठूंस दिए गए बच्चे, बसें चलीं ओवरलोड
न वर्दी न किराया सूची
बुधवार को रायपुर जगदलपुर के अलावा अन्य मार्गों से कांकेर बस स्टैंड पहुंची यात्री बसों के चालक परिचालक बिना वर्दी के ही नजर आए। वर्दी को लेकर चालकों से सवाल किए गए तो कुछ चालकों ने उसे हंस कर टाल दिया और कुछ ने कहा यह तो सिर्फ दिखावे की कार्रवाई है।
ठूंस कर भर रहे यात्री
कार्रवाई के बावजूद यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक यात्री बैठाने का सिलसिला जारी रहा। कांकेर से चौकी जाने वाले जागीरदार ट्रैवल्स की एक छोटी यात्री बस मेें क्षमता से दोगुना यात्री सवार थे, जिसमें यात्री दोनों ओर सीट के बीच में ही खड़े-खड़े सफर करते रहे।
बुधवार को विभिन्न आयोजन के चलते बसों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी लेकिन यात्री बसों पर पूरे समय नजर रखी गई थी। अभियान हमेशा जारी रहेगा। आज से फिर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। केजुराम रावत, यातायात प्रभारी कांकेर
कांकेर. स्कूल वाहनों में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के सवार छात्र।