जूठन खाकर गाय बीमार, सड़क पर ही चढ़ाया ग्लूकोज, एंबुलेंस खराब
बुधवार को पीजी कालेज के निकट नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे ही बीमार गाय का इलाज किया गया। रास्ते से गुजरने वाले लोगों की नजर सड़क किनारे पड़ी गाय व उसे चढ़ाई गई ग्लूकोज की बोतल पर थी।
लोगों के लिए यह नजारा चौंकाने वाला था। लेकिन यह नजारा पशु चिकित्सा विभाग की पोल खोल रहा था, जिसके चलते सड़क पर मवेशी का इलाज किया जा रहा था। दूसरी ओर यह घटना सफाई अभियान की उस हकीकत को भी उजागर कर रही थी, जिसमें वैवाहिक व अन्य आयोजनों के बाद खुले में फेंके गए भोजन के सेवन से मवेशी की यह हालत हुई थी।
दोपहर में गौ सेवा संगठन से जुड़े मुरली कुमार को फोन आया कि एक गाय कालेज के निकट सड़क किनारे तड़प रही है। सूचना मिलते ही संगठन के सदस्य वहां पहुंच गए। तत्काल पशु चिकित्सा विभाग से संपर्क किया गया जहां से एबुलेंस खराब होने की जानकारी दी गई। इ
सके चलते पशु चिकित्सक को मौके पर बुला लिया गया। पशु चिकित्सा की टीम मौके पर पहुंची और गाय की जांच शुरू की। चिकित्सक ने बताया यह फूड पाइजनिंग का मामला है जिससे पेट में ब्लाट बन गया है। इसे तत्काल इलाज की जरूरत है।
अस्पताल तक मवेशी को ले जाने कोई साधन नहीं था जिसके चलते मवेशी की नाजुक हालत को देखते सड़क पर ही उसका इलाज शुरू कर दिया गया। जीवन रक्षक इंजेक्शन लगाए गए और ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई। करीब एक घंटे तक सड़क किनारे ही मवेशी का इलाज चलता रहा और ग्लूकोज की बोतल लेकर एक व्यक्ति खड़ा रहा।
धक्का देकर स्टार्ट की गई एंबुलेंस
मवेशी की स्थिति सामान्य होने के बाद चिकित्सक पशु चिकित्सालय पहुंचे। यहां मवेशी को सड़क से उठाकर अस्पताल लाने एंबुलेंस चालक को कहा गया। इसके बाद मवेशी को लाने एंबुलेंस को स्टार्ट करने कवायद शुरू की गई। कार्यालय से चार कर्मचारियों को बुला एंबुलेंस को धक्का लगाया गया। धक्का लगाते-लगाते एंबुलेंस को कार्यालय परिसर से बाहर अलबेला पारा सड़क पर ले जाया गया तब कहीं जाकर एंबुलेंस स्टार्ट हुई। चालक सुरेश कुलदीप ने बताया वह मूलत: कलेक्टोरेट में पदस्थ और यहां तैनात किया गया है। एंबुलेंस चार महीने से इसी हालत में हैं।
मामला फूड पाइजनिंग का
शादी विवाह के बाद फेंके गए खराब भोजन के चलते मवेशी की यह हालत हुई है। मामला फूड पॉयजनिंग का था और उसे तत्काल इलाज की जरूर थी। जिसके चलते उसका इलाज मौके पर ही शुरू कर दिया गया। पशु चिकित्सालय की एंबुलेंस खराब है। डाॅ. पीएल सरल, पशु चिकित्सालय
कांकेर. गाय का सड़क किनारे किया इलाज।
पशु चिकित्सा विभाग की एंबुलेंस को धक्का लगाकर शुरू करते लोग।