फर्नीचर की कमी, जो हैं वो भी हुए कबाड़, जमीन पर बैठ पढ़ रहे बच्चे
जिले के अधिकतर स्कूलों में फर्नीचर की कमी बनी हुई है। जो फर्नीचर स्कूलों में दिए जाते हैं, उनकी गुणवत्ता बेहद घटिया होती है। नतीजन कुछ ही समय में वे टूट जाते हैं। मरम्मत भी नहीं कराई जाती है, जिसके चलते फर्नीचर कबाड़ हो गए है।
शासकीय नरहरदेव स्कूल में फर्नीचर की स्थिति गंभीर है। यहां 150 टेबल कुर्सियों के सेट की कमी है। जो फर्नीचर हैं, उनमें भी 100 सेट टेबल कुर्सियां खराब हैं, जिन पर बैठकर छात्रों को लिखने में परेशानी होती है। नरहरदेव स्कूल बोर्ड परीक्षा केंद्र हैं। यहां 651 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। ग्राम सिदेसर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में टेबल कुर्सी के 100 सेटों की कमी है। यहां के भी ज्यादातर फर्नीचर टूटकर बेकार पड़े हैं। एक शिक्षण कक्ष तो फर्नीचर के कबाड़ से भरा पड़ा हुआ है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी कुछ फर्नीचर खराब स्थिति है जिसे एक खाली पड़े कमरे में रखा गया है।
ग्राम गोविंदपुर के शासकीय भारती उमा विद्यालय में भी कुछ फर्नीचर खराब स्थिति में है। ग्राम माकड़ी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 25 फर्नीचर सेट उपलब्ध है। 40 सेट फर्नीचर की मांग स्कूल प्रबंधन ने की है। स्कूल के 56 में से 19 छात्र-छात्राएं दरी पर ही नीचे बैठ रहे हैं।
माकड़ी के छात्र फर्नीचर के अभाव में नीचे बैठ कर करते हैं पढ़ाई।
फर्नीचरों से भरा पड़ा है कमरा।
प्राचार्य बोले-काम चल रहा
नरहरदेव स्कूल प्राचार्य गया ध्रुव ने कहा कि फर्नीचर की कमी से विभाग को अवगत कराया गया है। भारती स्कूल प्राचार्य आरपीएस ठाकुर ने कहा कि स्कूल में फर्नीचर की कमी तो है, लेकिन परीक्षा में ज्यादा परीक्षार्थी नहीं है। इस कारण काम चल जाएगा। माकड़ी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला प्राचार्य बीके वर्मा ने कहा स्कूल में फर्नीचर की कमी है।
फिलहाल ध्यान परीक्षा में
जिन स्कूलों में फर्नीचर की कमी है, वहां अगले सत्र में पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। अभी पूरा ध्यान बोर्ड परीक्षा केंद्रों में फर्नीचर व्यवस्था करने पर है। जहां भी फर्नीचर की कमी होगी, वहां व्यवस्था की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि कोई परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा न दे। एसके भरतद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, कांकेर