अनदेखी से अंधे मोड़ बने खतरनाक
शहरमें ऐसे कई अंधे मोड़ हैं, जो आवागमन के दृष्टिकोण से बेहद खतरनाक बन गए हैं तथा यहां आए दिन दुर्घटनाएं भी होती ही रहती है। उल्लेखनीय है कि शहर के लिए जो मास्टर प्लान लागू होने वाला है, उसकी सर्वे रिर्पोट में भी इन अंधे मोड़ों को लेकर चिंता जताई गई है। लोगों का मत है कि यातायात विभाग को इन मोड़ को लेकर गंभीरता से विचार कर जरूरी व्यवस्था तुरंत करनी चाहिए। इन जगहों पर ट्रैफिक जवानों की ड्यूटी तो तुरंत लगाने की जरूरत भी है।
भास्कर ने जायजा लिया तो पाया की शहर के कचहरी तिराहा, सेन तिराहा, गिल्ली तिराहा, ऊपर नीचे मार्ग यू टर्न, कोमलदेव क्लब तिराहा, हनुमान चौक, दुधावा तिराहा को आवागमन के दृष्टिकोण से व्यवस्थित किए जाने की आवश्यकता है। शहर के इन कुछ तिराहों मेंं एक तो ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा रहता है, उस पर यहां किसी तरह की व्यवस्था नहीं होने से खतरा और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यातायात विभाग प्रशासन इस इन अंधे मोड़ों को ना तो ठीक करने के प्रति ध्यान नहीं दे रहा है और इस तरफ उनका रवैया पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। ऐसे स्थानों पर सांकेतिक बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं। इसलिए रोजाना ही जानकारी के अभाव में बहुत से वाहन चालक खतरनाक स्पाटों में तेज गति से वाहन चलाते पहुंचते हैं, जो दुर्घटना का कारण बन जाते हैं।
सेनतिराहा में सड़क जर्जर : नेगीतालाब के सामने तथा सेन तिराहा से होकर बड़े वाहन गुजरते हैं। यहां पर सड़क भी जर्जर है जो खतरे को और बढ़ा देती है। जनपद कार्यालय मार्ग से आने वाले वाहनों को विपरित दिशा से आने वाले वाहन टर्निंग स्पाट पर दिखते ही नहीं हैं। शासकीय भवन की दीवार खतरे को और ज्यादा बढ़ाती है।
दुधावा तिराहा पर आए दिन हो रही दुर्घटनाएं
दुधावातिराहा से सर्वाधिक मालवाहक वाहन मुड़ते हैं। यहां ना तो लेकिन सांकेतिक बोर्ड है और ना ही नियमित ट्रेफिक सिपाही खड़े रहते हैं मुड़ते समय भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इसी मार्ग पर आगे बरदेभाठा तिराहे पर भी बड़े मालवाहनों को टर्न लेने में परेशानी होती है।
गिल्ली तिराहा में घुस रहे माल वाहनों से खतरा
शहरका सबसे व्यस्ततम है गिल्ली तिराहा। यहां से कोरर तथा पीढ़ापाल जाने वाहन टर्न लेते हैं। तिराहा बहुत ज्यादा सकरा है साथ ही बड़े मालवाहक वाहनों गुजरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। तिराहे के सकरे मार्ग पर कई बार बेतरतीब ढ़ंग से वाहन खड़े रहने से स्थिति गंभीर हो जाती है। यहां जाम तो आए दिन की कहानी है।
ऊपर नीचे रोड पर यू टर्न से बढ़ रही परेशानी
ऊपरनीचे रोड पर लेक व्यू के सामने कई वाहन यू टर्न लेते हैं। यहां पर ट्रैफिक सिपाही नहीं रहते जिससे हर समय स्थिति खतरनाक रहती है। जहां यू टर्न हैं वहां एक गढ्ढा भी है जो आए दिन दुर्घटना का कारण बनता है। इसी तरह कोमलदेव क्लब के पास भी एक अंधा मोड़ है जहां आए दिन दुर्घटना घटित होती है।
कचहरी तिराहा यातायात के दृष्टिकोण से सबसे खतरनाक है। पहले यहां कोई खतरा नहीं था लेकिन जब से पंडरीपानी बायपास पुल से अन्नपूर्णापारा गौरवपथ मार्ग से होकर बड़े माल वाहक वाहनों का आवागमन शुरू हुआ है, तब से खतरा काफी बढ़ गया है। थोड़ी सी भी चूक दुर्घटना का कारण बन जाती है। यहां से बड़े माल वाहक वाहन आकर सीधे नेशनल हाईवे पर मिलते हैं लेकिन यहां ना तो कोई सिपाही खड़ा रहता है, जिससे बड़े मालवाहनों के टर्न लेते समय स्थिति खतरनाक हो जाती है।
कचहरी तिराहा पर सर्वाधिक खतरा
कोमल देव क्लब के पास रास्ता संकरा
इसीतरह राहुल चोपड़ा, राजू मिश्रा की सोच है कि ऊपर नीचे मार्ग के के यू टर्न में वाहन चालकों के समक्ष असमंजस की स्थिति बनी रहती है और लोग आए दिन कई दुर्घटना के शिकार होते हैं। मनोज सोनी, भवेश जैन राहुल गुप्ता को लगता है कि कोमलदेव क्लब के पास चौक संकरा होने के कारण दुर्घटनाए घटित होती रहती है। कोदाभाठ के मनोज गुप्ता का कहना है कि दुधावा चौक तिराहा होने के कारण यहां पर बहुत सारी दुर्घटना घटित हुई है।
खतरनाक स्थलों को किया जाएगा व्यवस्थित
^शहरमें जहां खतरनाक मोड़ हैं वहां पर वाहन चालकों के दिशा निर्देश के लिए बोर्ड लगाने नेशनल हाईवे को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही जहां जहां आवागमन के दृष्टिकोण से खतरा है, उन्हें व्यवस्थित करने प्रयास किया जाएगा। जितेंद्रसिंह ठाकुर, अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद, कांकेर
चौड़ीकरण बेहद जरूरी
इंजीनियरआशीष टांकसाले का कहना है कि शहर में ऐसे कुछ मोड़ हैं जो ट्रैफिक के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक हो गए हैं। उनके अनुसार व्यवस्था में सुधार जरूरी है। प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। अधिवक्ता एमडी कुलदीप, व्यवसायी खेमचंद लोहानी सुभाष जैन, देवेश यादव का मत है कि शहर के गिल्ली चौक, कचहरी चौक एसे मोड़ हैं जहां आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सांकेतिक बोर्ड लगना चाहिए। चौड़ीकरण भी जरूरी है। डा श्यामल दत्ता राय के अनुसार चौड़ीकरण होने पर ही ट्रैफिक व्यवस्थित हो पाएगा।
कांकेर. कचहरी तिराहे में बड़े मालवाहनों के मुड़ते समय लग जाता है जाम। इस तरह के हालात इस जगह पर रोज ही बनते हैं।