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धूल से सब त्रस्त, सफाई मशीन धूल में

6 वर्ष पहले
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प्रदूषणपिछले कुछ समय से शहर की गंभीर समस्याओं में से एक बन गई है। नेशनल हाईवे शहर के बीच से होकर गुजरी है तथा इस मार्ग से यात्री वाहनों के अलावा माल वाहक वाहन भी बड़ी संख्या में गुजरते हैं। इन वाहनों के धुओं के अलावा सड़कों पर उड़ने वाली धूल प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। इसके बाद भी नगर पालिका ने 5 साल पहले शहर की सड़कों से धूल साफ करने 50 लाख की लागत से मशीन खरीदी थी लेकिन पालिका द्वारा इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस तरह धूल साफ करने की मशीन ही धूल खाते पड़ी है।

लोगों का कहना हैकि उड़ती धूल प्रदूषण श्वांस रोग जैसी बीमारियों का कारण भी बन रहा है। नागरिकों का कहना है कि शहर की सड़कों की साफ सफाई का नहीं होना भी धूल प्रदूषण का बड़ा कारण है। शहर के सेन चौक, ऊपर नीचे मार्ग, लट्टीपारा उपभोक्ता डिपो, दुधावा चौक, कचहरी चौक, सिंगारभाठ, जिला अस्पताल के आसपास बहुत ज्यादा धूल है। शेषपेज 16 पर







सड़कोंके किनारे पानी निकासी के इंतजाम नहीं होने से पहाड़ी का पानी बहकर सड़कों तक पहुंच जाता है जो अपने साथ धूल मिट्टी भी लेकर आता है। वाहनों के चलने से उड़ने वाली धूल से राहगीरों को तो परेशानी होती ही है सबसे ज्यादा परेशानी सड़क के दोनों ओर बसे व्यापारियों को होती है जिन्हें दिन भर अपनी दुकानों में बैठना पड़ता है।

धूल से दुकानों में रखा सामान भी खराब होता है। नगरपालिका को 7 वर्ष पूर्व राज्य शासन ने 50 लाख रूपए की लागत से शहर की सड़को पर जमा धूल को साफ करने मशीन प्रदाय की गई थी लेकिन इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। लंबे समय से उक्त मशीन फायर बिग्रेड कार्यालय परिसर के एक कोने में खड़ी है। भास्कर ने जायजा लिया तो पाया की लाखों की उपयोगी मशीन पर ही धूल परतें जमा हो गई है जिसे साफ करने वाला कोई नहीं है। लोगो का कहना है कि मशीन का उपयोग धूल साफ करने के लिए होना चाहिए लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदारों का मानना है की मशीन यहां की सड़कों के धूल को साफ करने लायक नहीं बनी है। यह वाहन बहुत ज्यादा भारी है जिसके चलने से बहुत ज्यादा दबाव सड़क पर पड़ता है। मशीन चलने से सड़कों के खराब होने का खतरा है।

कांकेर. नगर पालिका द्वारा खरीदी गई धूल साफ करने की मशीन पड़ी है धूल खाते।

धूल से निजात जरूरी

^धूलसे एलर्जी, श्वांस, अस्थमा जैसी बीमारियां हो सकती है। फेफड़े पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। धूल आंखों के लिए तो बहुत ज्यादा नुकसानदायक है ही। लोगों के सेहत के लिए धूल से निजात दिलाना चाहिए। डाविजय उसेंडी, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल कांकेर

कांकेर. शहर की सड़कों में उड़ती रहती है इस तरह से धूल। लोगों में इस बात से काफी नाराजगी है िक सफाई नहीं हो रही।