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जल संकट

5 वर्ष पहले
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ठंड के जाते-जाते कई तालाब भी सूखने लगे
तालाबों की गहराई कम होने के कारण और बारिश कम होने के चलते जल्दी सूख रहे तालाब
अंचल में एेसे कई तालाब है जो गर्मी शुरू होने से पहले ही सूख गए हैं। जिसको लेकर उन गांवों में अभी से निस्तारी की समस्या आने लगी है। ग्रामीणों के साथ विशेषज्ञों का मानना है कि इन तालाबों में तकनीकी खामियां है, जिसके कारण इन तालाबों में पानी समय से पहले ही सूख रहा है।

तालाब सूखने का कारण कमजोर बारिश भी है। शहर से सटे ग्राम गोविंदपुर में सत्र 2013-14 में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से तालाब का निर्माण कराया गया था। जिसमें 3.58 लाख रुपए खर्च किए गए थे। जोकि वर्तमान में पूरी तरह से सूख चुका है। इसमें बारिश के दौरान ही पानी रहता है। इसके बाद तेजी से पानी सूखना शुरू हो जाता है। गांव की नंदा साहू, सीता पाल ने कहा तालाब में गहराई काफी कम है। ग्राम नवागांव भावगीर के दो तालाब भी अभी से ही सूख गए हैं। तालाब में पचरीकरण भी किया गया है। जिसमे पानी नहीं रहने से कोई उपयोग नहीं हो रहा है। तालाब के निर्माण को 15 साल से ज्यादा हो रहा है। इस साल तो ये दोनों तालाब जनवरी माह में ही आधे से ज्यादा सूख गए थे।

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गांव की किरण कोर्राम, सुदो मंडावी, रमशीला मंडावी ने कहा कि तालाब में ज्यादा पानी जमा नहीं हो पाता है। ग्राम मालगांव के आवास पारा के तालाब में भी बिल्कुल पानी नहीं रह गया है। गांव के नारायण नेताम, कोमराम साहू, विमल मंडावी, श्रवण विश्वकर्मा ने कहा कि तालाब 40 साल पुराना है। कई साल पहले गर्मी के दौरान भी तालाब में पानी रहता था। लेकिन अब कुछ सालों से फरवरी में तालाब सूख जाता है। तालाब में पानी रहे इसके लिए ध्यान दिया जाना चाहिए। ग्राम गढ़ पिछवाड़ी का दीवान तालाब में पूरी तरह से सूख चुका है। ग्राम मनकेसरी का तालाब 2012-13 में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत बनाया गया है। नदी के पास बना तालाब भी समय से पहले सूखना शुरू हो जाता है। अभी मनकेसरी के तालाब में काफी कम पानी रह गया है। जिससे लोग निस्तारी भी नहीं कर पा रहे हैं।

तालाब में गहराई होनी चाहिए
भूगोल विषय के सहायक प्राध्यापक डाॅ. डीएल पटेल ने कहा तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने के साथ कमजोर बारिश के कारण भी तालाब में पानी नहीं रहता है। साथ ही तालाब को यदि उपयुक्त स्थल में न बनाया जाए। काली मिट्टी को छोड़कर रेतीला जगह पर तालाब बनाया जाय तो तालाब में जल संग्रहण नहीं होता है। तालाब को नदी के पास नहीं बनाना चाहिए। तालाब में गहराई होना चाहिए और तालाब में चारो ओर से बारिश का पानी जमा होना चाहिए।

आगे से ध्यान रखा जाएगा
तालाब निर्माण में तकनीकी खामियां है तो उसमें सुधार कर जल संरक्षण किया जाएगा। भविष्य में यह ध्यान रखा जाएगा कि तालाब निर्माण में बेहतर ढंग से हो और तालाब में गर्मी के दौरान भी पानी भरा रहे। कमजोर बारिश के कारण भी तालाब समय से पहले सूख रहे हैं। चंदन कुमार, सीईओ, जिला पंचायत, कांकेर

कांकेर. मालगांव के आवास पारा का तालाब गर्मी के पहले ही सूखा।

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