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हड़तालियों को काम पर लौटने दी गई दो दिन की मोहलत

5 वर्ष पहले
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नियमित वेतन देने की मांग को लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की बेमुद्दत हड़ताल तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। नगर पालिका ने नियमित सफाई कर्मचारियों को दो दिन में काम पर लौटने का नोटिस जारी किया है। हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों के साथ पालिका के वाहन चालक और पंप आॅपरेटर भी शामिल हो गए हैं।

नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर की सफाई व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। शहर में जगह-जगह कचरे का ढेर लग रहा है। पालिका की ओर से की गई वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। सफाई व्यवस्था को सुचारु करने के मद्देनजर शनिवार को मुख्य नगर पालिका अधिकारी की ओर से नियमित सफाई कर्मचारियों के नाम नोटिस जारी किया गया। नोटिस में कर्मचारियों को दो दिन में काम पर लौटने कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि बिना किसी सूचना के सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाना छत्तीसगढ़ नगर पालिका कर्मचारी अधिनियम 1968 की धारा 95 का उल्लंघन है। यह कृत्य कदाचार की श्रेणी में आता है।

यदि दो दिन के अंदर हड़ताली कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी कर्मचारियों की होगी। वहीं हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि नोटिस से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। मांग पूरी होने के बाद ही हड़ताल खत्म करेंगे। हड़ताल में प्रमुख रूप से संतू राम, मुकेश कुमार, अमर सिंह बिछिया, सूरज कुमार, मोहन नाग, तीजू राम, सुमित्रा, राजबत्ती बाई समेत अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

मानेंगे ब्रेक इन सर्विस
नोटिस में कहा गया है कि बिना पूर्व स्वीकृति के सामूहिक अवकाश पर जाने की दशा में या हड़ताल में हिस्सा लेने की दशा में अनाधिकृत अनुपस्थिति के दिवस व हड़ताल का वेतन आदि देय नहीं होगा। इस अवधि को ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा।

सोमवार को देंगे जवाब
नोटिस के साथ ही हड़तालियों से जवाब मांगा गया है। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि पालिका मांगें मानने के बजाए नोटिस भेज रही है। जवाब मांगा जा रहा है। सोमवार को जवाब देंगे, पर हड़ताल खत्म नहीं करेंगे। मांग पूरी नहीं हुई, तो आंदोलन तेज होगा।

घास काटने वालों को बनाया स्वीपर
प्लेसमेंट में काम कर रहे मनोज वाल्मिकी व अन्य का कहना है कि नगर पालिका में करीब डेढ़ साल से घास काटने समेत अन्य काम कर रहे सात कर्मचारियों को स्वीपर के नियमित पद पर पदस्थ किया गया है। जबकि बड़ी संख्या में कई कर्मचारी 20-25 साल से दैनिक वेतनभोगी के रूप में काम कर रहे हैं। उन्हें इन पदों पर लेना चाहिए था, लेकिन एेसा नहीं किया गया। नगर पालिका में घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों ने कहा कि जिन घास काटने वालों को स्वीपर का पद दिया गया है, अधिकारी उनसे ही स्वीपर का भी काम कराएं।

नियमित वेतन की मांग पर तीसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे सफाई कर्मी।

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