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शहर के बाद गांवों में भी कुत्ते पालने का बढ़ रहा चलन

6 वर्ष पहले
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सुरक्षात्मककारणों के साथ चोरी आदि रोकथाम के लिए लोगों में पालतू कुतों को पालने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। कुता काफी वफादार साथी माना जाता है। इसलिए इसे घर में रखे जाने से लोग अपने आपको काफी सुरक्षित महसूस करते हैं। चोरों के साथ जंगली जानवरों को भी भगाने का काम पालतू कुत्ता करता है। इसी कारण अब शहर के साथ निकट के गांवों में भी पालतू कुत्ता रखने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है।

गांव के साथ शहर में जंगली जानवरों के साथ सांप बिच्छू के प्रवेश होने पर परिजनों को पालतू कुत्ता सर्तक कर देता है। लोग कुत्तों को अपना पारिवारिक सदस्य जैसा मानने लगते हैं। आमापारा निवासी मयंक हड़प ने अपने घर में 6 वर्ष से कुत्ता पाल रखा है। मयंक ने बताया कि 2 माह पहले रात में एक कमरे का ताला तोड़ रहे चोर को भगाकर सभी को उठाकर सर्तक कर दिया था। समता नगर के डीएस साहू ने अपने घर में 3 वर्ष से कुत्ता पाल रखा है। पुत्र तन्मय साहू ने कहा कि उनके कुत्ते का नाम राकी है, उसके कारण चोरी का खतरा नहीं रहता। आसपास के घर के लोग भी काफी सुरक्षित महसूस करते हैं। समता नगर निवासी अविनाश सिंह ने अपने घर में लेबराडोर पाल रखा है। प|ी उर्वशी सिंह ने कहा कि घर में डाग रखे जाने से चोरों के साथ भालू आने का खतरा नहीं रहता। गोविंदपुर निवासी अजय शर्मा ने 10 वर्षो से अपने घर में एक कुत्ता पाल रखा है। अजय शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में भालू का काफी खतरा बना हुआ है।

कई बार भालू आते हैं लेकिन उनका कुत्ता भालूओं को भगा देता है। गोविंदपुर की ही अनुराधा गौतम ठाकुर ने कहा कि घर में कुत्ता पालने के बाद से वे काफी सुरक्षित महसूस करते हैं। चोरी का खतरा तो बिल्कुल नहीं रहता है। सांप-बिच्छु को देखकर कुत्ता सर्तक कर देता है।



साल भर पहले एक जहरीला सांप घर में घुस गया था। सांप घुसने के संबंध में उसने भौंककर सबको सर्तक कर दिया था।

राजापारा निवासी आशीष टांकसाले ने कहा कि अपने घर में देशी कुत्ता कुछ वर्षो से पाल रखे हैं। पहले उनके घर में चोरियां होती थी लेकिन कुत्ता पालने के बाद चोरियां बंद हो गई। कोई संदिज्ध व्यक्ति घर के पास नहीं फटकता।

कुत्तों से तनाव भी दूर

^लोगोंमें कुत्तों को पालने के शौक में काफी बढ़ोतरी हो रही है। इनसे चोरी का खतरा कम हो जाता है। साथ ही इनके साथ रहने से अकेलापन, तनाव दूर होता है। डासंजय शर्मा, पशु चिकित्सक, कांकेर