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समुद्र में तेल के रिसाव पर एनजीटी ने मांगा केंद्र सरकार से जवाब

5 वर्ष पहले
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तमिलनाडु के समुद्र में कई टन तेल रिसने की घटना पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्र, राज्य सरकार और अन्य विभागों से जवाब मांगा है। तेल के रिसाव पर पीड़ितों को क्षतिपूर्ति और रिसाव के लिए जिम्मेदार जहाजों को जब्त करने की याचिका पर एनजीटी सुनवाई कर रहा था। जवाब के लिए मंगलवार तक का वक्त दिया गया है।

एनजीटी के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार की बेंच ने केंद्र और राज्य के अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय, केंद्र और राज्य के प्रदूषण बाेर्ड, जहाजरानी मंत्रालय को नोटिस भेजा है। याचिका में समुद्र से तेल सफाई अभियान की निगरानी के लिए एक एक्सपर्ट पैनल बनाने की भी मांग की है। कहा गया कि समुद्र में टनों पेट्रोलियम पदार्थ फैल जाने से इकोसिस्टम और जलीय जीवन को काफी नुकसान पहुंचा है।



बता दें कि 28 जनवरी को चेन्नई के एन्नोर बंदरगाह के पास एमवी मैपल और एमटी डॉन कांचीपुरम नामक जहाजों की टक्कर हो गई थी। हादसे में कांचीपुरम में लदा कई टन पेट्रोलियम पदार्थ समुद्र में बह गया जिससे जलीय जीवन को काफी नुकसान पहुंचा।

गंगा की एक बूंद भी साफ नहीं हुई: एनजीटी
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सोमवार को कहा कि गंगा की एक बूंद भी साफ नहीं हुई है। गंगा की सफाई की योजना के नाम पर केवल जनता के पैसे की बर्बादी हुई है। एनजीटी के चेयरमैन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकारी एजेंसियों से सवाल किया है कि वे नमामि गंगे परियोजना को किस तरह लागू कर रहे हैं। सभी कहते हैं कि वे गंगा की सफाई के लिए काम कर रहे हैं लेकिन एक बूंद भी साफ नहीं हुई है। साथ ही कहा कि वह केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच शिकायतों का ड्रामा और नहीं चाहते।

सभी एजेंसियों को मिलकर काम करना चाहिए।

बेंच ने अमरोहा और बिजनौर जिलों में गंगा किनारे चल रही औद्योगिक इकाइयों से भी सवाल किया कि क्यों न उन्हें बंद कर दिया जाए। जवाब के लिए चार दिन का समय दिया है।

नई दिल्ली | दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा दिल्ली, हरियाणा, यूपी और राजस्थान सरकारों को दो सप्ताह में विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस एमबी लोकुर की बेंच ने एनसीआर के उद्योगों में तेल और कोयले को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल पर रोक लगाने केंद्र को चार सप्ताह का समय दिया है। बेंच ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाई गई पर्यावरण निधि से ढाई करोड़ रुपए निकालने की भी अनुमति दी है। इन रुपयों से प्रदूषण की जांच करने के लिए स्थापित नए केंद्रों के लिए उपकरण खरीदे जाएं।

प्रदूषण रोकने दो सप्ताह में प्लान दो:सुप्रीम कोर्ट
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