प. बंगाल: ममता से भिड़ने साथ आ सकते हैं कांगेस और लेफ्ट
नई दिल्ली | तमिलनाडु में द्रमुक से गठबंधन साधने के बाद अब कांग्रेस की निगाह पश्चिम बंगाल पर है। वहां माकपा के साथ गठबंधन की अटकलें हैं। लेकिन इस पर पार्टी का नेतृत्व कोई भी फैसला माकपा की इसी हफ्ते होने वाली पोलित ब्यूरो बैठक के बाद ही करेगी। माकपा पोलित ब्यूरो की बैठक मंगलवार को है। उसके बाद दो दिन केंद्रीय कमेटी की बैठक होगी। पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट ने औपचारिक रूप से कहा था कि कांग्रेस संपर्क करेगी तो गठबंधन पर चर्चा को तैयार हैं। इसी महीने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान राज्य के कांग्रेस नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस से गठबंधन की संभावना को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया था। लेकिन लेफ्ट से गठबंधन पर पार्टी बंट गई थी। तब राहुल ने उनसे कहा था कि पार्टी चीफ सोनिया गांधी जल्द ही इस पर फैसला लेंगी। वैसे, पार्टी अंतिम फैसला लेने से पहले पश्चिम बंगाल में यह देखना चाहेगी कि अगले लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी के मार्च को कैसे रोका जाए। इसी वजह से पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता बुद्धदेब भट्टाचार्य के तृणमूल से राज्य को बचाने के लिए हाथ मिलाने की अपील पर भी कांग्रेस मौन रही।