- Hindi News
- सड़क दुर्घटना में घायल होने वालों का इलाज अब कैशलेस: गडकरी
सड़क दुर्घटना में घायल होने वालों का इलाज अब कैशलेस: गडकरी
एजेंसी | नई दिल्ली. केंद्रीयसड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं। इसके लिए कानून बदला जाएगा। मसौदा तैयार है। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा और प्रबंधन केंद्र भी बनाएंगे। सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।
गडकरी ने सोमवार को देशभर के पत्रकारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। सड़क परिवहन, जहाजरानी और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के 100 दिन का कामकाज का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने कहा, ‘देश में हर साल साढ़े पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। डेढ़ लाख लोग मारे जाते हैं। लिहाजा, दुर्घटनाएं रोकने के लिए जल परिवहन को बढ़ावा देंगे। शेष|पेज14
चीन20% परिवहन जल मार्ग से करता है। लेकिन भारत में मात्र आधा प्रतिशत यातायात ही जलमार्ग से होता है। शेष|पेज5
जलपरिवहन से सफर काफी सस्ता है। प्रति किलोमीटर 50 पैसे लगते हैं। जबकि रेल यात्रा एक रुपया और सड़क यात्रा 1.50 रुपए प्रति किमी पड़ती है।’
यह भी कहा...
रामसेतु नहीं तोड़ेगी सरकार :
‘हमने राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) को वैकल्पिक रास्ता तलाशने को कहा है। ताकि रामसेतु को नुकसान पहुंचाए बिना आगे बढ़ा जा सके। केंद्र को उसकी रिपोर्ट मिल चुकी है। एकाध महीने में इस मसले को कैबिनेट में रखा जाएगा।’ सेतुसमुद्रम परियोजना के तहत बड़े जहाजों का रास्ता बनाने के लिए भारत-श्रीलंका के बीच समुद्र में रामसेतु तोड़ने का प्रस्ताव था।
--
--
सर्वसम्मति बनेगी तभी बदलेंगे जमीन अधिग्रहण कानून :
‘एनडीए सरकार जमीन अधिग्रहण कानून को इन्वेस्टर फ्रेंडली बनाना चाहती है। इस मसले पर सर्वसम्मति बनने पर ही सरकार फैसला लेगी। फिलहाल इस पर सर्वसम्मति नहीं है।’
--
ई-रिक्शा पर नया नोटिफिकेशन दस दिन में :
‘ई-रिक्शा पर नया प्रस्ताव तैयार है। सरकार 10 दिन में नई अधिसूचना जारी कर देगी।’ दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में ई-रिक्शा को गैरकानूनी बताकर पाबंदी लगा रखी है। केंद्र सरकार को इस संबंध में नियम बनाने को कहा है।
गांवों में 15 पैसे में मिलेगा शुद्ध पेयजल
गडकरी ने कहा कि देश के 17 हजार गांवों में पीने का पानी प्रदूषित है। पानी शुद्ध करने की 3,200 मशीनें लगाई हैं, जो सौर ऊर्जा से चलती हैं। ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे बोतलों में मिलने