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पामगढ़ में मध्याह्न भोजन में मिला प्लास्टिक का चावल भात बनने के बाद खुलासा

4 वर्ष पहले
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पामगढ़ में मध्याह्न भोजन में मिला प्लास्टिक का चावल भात बनने के बाद खुलासा

एक पखवाड़े के भीतर दूसरा मामला : पिछले दिनों नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम भैंसदा में इस तरह का मामला सामने आया था। गांव के कुछ लोगों ने पीडीएस दुकान से ग्रामीणों को प्लास्टिक के चावल वितरण किए जाने की बात कही थी। ग्रामीणों ने उस समय भी भात को गेंद की तरह उछलने की शिकायत खाद्य विभाग में की थी। तब खाद्य विभाग इसका सैंपल जांच के लिए भेजा है।

बिहार में महागठबंधन को बचाने के लिए साेनिया गांधी ने लालू-नीतीश से की बात

सोनिया गांधी के फोन आने के बाद इन्हीं प्रवक्ताओं के सुर शाम को दोस्ती के राग में तब्दील होकर फिर जुगलबंदी करने लगे। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी ने कुछ दिन पहले ही नीतीश कुमार से उस समय भी बात की थी, जब जदयू ने उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी को समर्थन दिया था। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार अपनी सरकार की भ्रष्टचार विरोधी छवि बनाए रखने के लिए राजद नेता तथा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को मंत्रिमंडल से बाहर करने के पक्ष में हैं जिन पर बेनामी संपत्ति के आरोप लगे हैं। इससे महागठबंधन टूटने के आसार बन रहे हैं। सुबह राजद के एक विधायक ने सरकार से समर्थन वापस लेने की यह कहते हुए धमकी दी कि ‘जदयू को नहीं भूलना चाहिए कि राजद के 80 विधायकों की मदद से उसकी सरकार चल रही है।’ जदयू प्रवक्ता ने कहा कि ‘सत्ता उनके लिए महत्वपूर्ण नहीं है। पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ है और इसके लिए पांच मिनट में ही सरकार छोड़ सकती है।’

सीबीआई की एफआईआर में ये नाम

लालू प्रसाद यादव- तब के रेल मंत्री

राबड़ी देवी- लालू की प|ी

तेजस्वी प्रसाद यादव- बिहार के उपमुख्यमंत्री

सरला गुप्ता- आरजेडी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की प|ी

पीके गोयल- पूर्व आईआरसीटीसी मैनेजिंग डायरेक्टर

विजय कोचर- होटल चाणक्य की मालिकाना हक वाली कंपनी के डायरेक्टर

विनय कोचर- सुजाता होटल्स कंपनी के डायरेक्टर और विजय कोचर के भाई

मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स- पटना में मॉल के लिए जमीन खरीदने वाली यादव फैमिली कंपनी

तेजस्वी पर कौन-कौन से केस?

बेनामी प्रॉपर्टी:16 मई को लालू और उनसे जुड़े लोगों के 22 ठिकानों पर IT की छापेमारी के बाद डिपार्टमेंट ने दिल्ली से पटना-दानापुर तक मीसा भारती और उनके पति शैलेश के अलावा डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और उनकी दो बेटियों रागिनी और चंदा यादव से जुड़ी एक दर्जन प्रॉपर्टी और जमीन को टेंपररी तौर पर जब्त किया था। 1000 करोड़ की बेनामी प्रॉपर्टी के आरोपों के घेरे में लालू के बेटे और मंत्री तेजप्रताप यादव के अलावा अन्य परिजन भी हैं।

रेलवे टेंडर स्कैम:7 जुलाई को सुबह सीबीआई ने लालू यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे। सीबीआई ने बताया कि लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई।

फैमिली कैलिफोर्निया में, कंपनी 1250 किमी दूर सैन फ्रांसिस्को में; रोज प्लेन से जाते हैं ऑफिस

यहां से सैन फ्रांसिस्को जाने के लिए हायब्रिड कार का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि वो जानते हैं फ्लाइट से आने-जाने में काफी सारा कार्बन फुटप्रिंट पैदा होता है। इसको बैलेंस करना जरूरी है। बेडिंस्की इस कवायद को उचित बताते हैं। क्योंकि प्लेन जर्नी के दौरान वो समय का सदुपयोग करते हैं। अपने ही जैसे उद्यमियों से वो इस दौरान बात करते हैं। इनमें स्टार्टअप फाउंडर, वेंचर कैपिटलिस्ट जैसे लोग भी होते हैं। इसके साथ ही वो उन कामों को भी निपटा लेते हैं जो दिन में बाकी रह जाते हैं। बेडिंस्की के मुताबिक उन्हें इस रुटीन से थकान नहीं होती बल्कि वो हर दिन की शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित रहते हैं। बेडिंस्की बताते हैं पहले ऑफिस जाने में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। लॉस एंजिलिस में धूप रहती है तो सैन फ्रांसिस्को में कोहरा और ठंडा मौसम रहता है। कई बार वो ओकलैंड और सैन फ्रांसिस्को के ट्रैफिक में बुरी तरह फंस जाते थे। समय पर नहीं पहुंच पाते थे। साथ ही काफी समय बेकार हो जाता था। अब वो सुबह 8.30 बजे ऑफिस पहुंच जाते हैं और शाम 5 बजे ऑफिस छोड़ देते हैं। ओकलैंड एयरपोर्ट से 7 बजे की फ्लाइट पकड़ते हैं और नौ बजे तक अपने घर पहुंच जाते हैं।

फैमिली को सेन फ्रांसिस्को ले नहीं जा सकता, कंपनी होमटाउन लाना संभव नहीं है : बेडिंस्की बताते हैं फैमिली से दूर रहना संभव नहीं है। मैं फैमिली को सैन फ्रांसिस्को शिफ्ट नहीं कर सकता, न ही कंपनी को बरबंक लाया जा सकता है। कंपनी के लोगों से रोज मिलना जरूरी है वहीं फैमिली को मेरी जरूरत है। दोनों को ही बराबर तवज्जो दे सकूं, इसलिए मैंने ये विकल्प चुना है। इस सफर के लिए उन्होंने मंथली सबस्क्रिप्शन ले रखा है। हर महीने उन्हें 2300 डॉलर (करीब 1.5 लाख रुपए) फीस अदा करनी होती है। इसके बाद वो सिंगल इंजन प्लेन में सफर कर सकते हैं। उनका बैकग्राउंड एयरपोर्ट स्टाफ द्वारा चैक किया जा चुका है, इसलिए बार-बार उन्हें किसी सुरक्षा जांच से भी गुजरना नहीं पड़ता। यानी पार्किंग से प्लेन तक जाने में उन्हें कुछ ही मिनट लगते हैं।

बैंकों को अब ब्रांच में ही आधार की दिक्कतें दूर करनी होगी, जुलाई अंत तक शुरू होगा काम

है कि बैंक अपने सभी ग्राहकों को स्वयं आधार नंबर उपलब्ध कराए। अगर किसी के नाम या पता या उम्र में कोई सुधार कराना है, तो उसे बैंक में ही दुरुस्त कराएं। इसके लिए बैंकों को अलग से काउंटर बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि सही काम नहीं करने वाले 34 हजार आधार सेंटरों को पिछले छह महीनों में ब्लैकलिस्ट किया गया है।

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