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15 मार्च से पहले जाति आधारित जनगणना का काम पूरा करें राज्य: केंद्र

6 वर्ष पहले
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जातिआधारित जनगणना को पूरा करने में अनावश्यक विलंब का गंभीर संज्ञान लेते हुए सरकार ने आज राज्य सरकारों को चेतावनी दी कि यदि 15 मार्च से पहले उन्होंने इस काम को पूरा नहीं किया तो ग्रामीण आवासों और कल्याणकारी पेंशन के लिए राज्यों को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता को रोक दिया जाएगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक बार फिर से सामाजिक आर्थिक और जाति आधारित जनगणना एसईसीसी से संबंधित सभी कार्यों को अगले महीने तक पूरा करने को शीर्ष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। एक सरकारी नोट में कहा गया है कि जहां तक ग्रामीण मंत्रालय का संबंध है, वर्ष 2015..16 और उसके आगे ये एसईसीसी आंकड़ों के वह आधार होंगे जिनके आधार पर इंदिरा आवास योजना आईएवाई और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रमों एनएसएपी के लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।



और जो राज्य इन आंकड़ों से लाभार्थियों का चयन करने में विफल रहते हैं उन्हें वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।

जनहितयाचिका पर उठाया सख्त कदम

केंद्रने मानवाधिकार संगठन पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज पीयूसीएल द्बारा दाखिल एक जनहित याचिका पर यह कदम उठाया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य रूप से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्बारा एसईसीसी को कथित रूप से पूरा नहीं किए जाने के कारण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एनएफएसए के क्रियान्वयन में देरी हो रही है सरकारी सूत्रों ने बताया कि यदि राज्य अगले महीने से पूर्व इस काम को पूरा करने में विफल रहते हैं तो वे लाखों ग्रामीण गरीब लोग प्रभावित होंगे जो केंद्र की आईएवाई , इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना एनएफबीएस और अन्नपूर्णा जैसी योजनाओं के लाभार्थी हैं। केंद्र का यह कड़ा फैसला कुछ राज्यों द्बारा जनगणना की मसौदा सूची तक को प्रकाशित करने में विफल रहने के बाद आया है