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बारगांव-नवागांव में दो बहनों की ब्रेन फीवर से हुई मौत
नक्सल प्रभावित क्षेत्र गातापार जंगल स्थित बरगांव नवागांव में रहने वाली दो बहनों की शुक्रवार को ब्रेन फीवर से मौत हो गई। परिजनों को आशंका है कि उन दोनों को मलेरिया भी था। एक बहन की मौत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गातापार जंगल और दूसरी की मौत जिला अस्पताल में हुई है। इस घटना के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बताया गया कि उस क्षेत्र में पिछले कुछ माह से ग्रामीणों को मलेरिया की शिकायत है। विभाग द्वारा पिछले माह ही शिविर लगाया गया था।
बरगांव नवागांव पंचायत के बस्ती में रहने वाले गैंदलाल यादव की पुत्री 19 वर्षीय गिरजा और 18 वर्षीय किरण यादव की तबियत बीते चार दिनों से खराब थी। शुक्रवार को दोनों की तबियत ज्यादा बिगड़ी तो उनके पिता ने दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पांडादाह में भर्ती कराया। महज दस मिनट में बड़ी बेटी गिरिजा ने दम तोड़ दिया। जबकि किरण की गंभीर हालत को देखते हुए उसे संजीवनी 108 की मदद से जिला अस्पताल रेफर किया गया। देर शाम करीब पौने सात बजे किरण को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जांच की गई। गंभीर होने से उसकी रात करीब साढ़े बजे मौत हो गई। परिजनों ने मौत का कारण मलेरिया बताया है। पांडादाह के डॉ. ऋतुराज सिंह ने बताया कि गिरजा की हालत नाजुक थी। उसे खून की कमी, पीलिया और मलेरिया की शिकायत है।
^डॉक्टरों के अनुसार मरीज को ब्रेन फीवर था। अभी इस संबंध में कुछ कह पाना संभव नहीं है। पूरी रिपोर्ट देखने मलेरिया होने के संबंध में जानकारी दे पाऊंगा।’’ डॉ.चंद्रशेखर मोहबे, सीएमओ
वनांचल में स्टाफ नहीं
क्षेत्रमें फील्ड स्टाफ की भारी कमी है। यहां लक्षना और गातापार जंगल में उप स्वास्थ्य केंद्र तो हैं लेकिन स्टाफ पर्याप्त नहीं होने की वजह से उन्हें पांडादाह तक पहुंचना पड़ता है। पिछले माह ही इस तरह की शिकायत मिलने पर आसपास के गांवों में शिविर लगाया गया था। बीएमओ डॉ.अशोक बोटके की मानें तो वे रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
सदमे से मां बीमार
गैंदलालकी इन दो बेटियों के अलावा एक लड़की और दो लड़के हैं। दो बेटियों की मौत की खबर जब उसकी मां फूलबाई तक पहुंची तब से वह सदमे में है। उन्हें भी पांडादाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया है। बताया गया कि उपचार के लिए गैंदलाल के पास रुपए भी नहीं थे। गांव के सरपंच प्रतिनिधि कृष्णा वर्मा की मदद से