इकाई में फिर खराबी बिजली उत्पादन घटा
कोरबा | राज्यपावर जनरेशन कंपनी के पावर प्लांटों की हालत में सुधार नजर नहीं रहा है। इकाईयों में एक के बाद एक खराबी रही है। तकनीकी कारणों से एचटीपीपी की एक नबंर की यूनिट से फिर उत्पादन बंद हो गया। कोरबा पूर्व प्लांट में एक यूनिट से िबजली का उत्पादन बंद है। प्रदेश में बिजली की मांग 3 हजार मेगावाट को पार कर रही है। लेकिन प्लांंटों की सेहत बिगड़ने से मांग के अनुसार बिजली की आपूर्ति को लेकर कंपनी पर काफी दबाव बना हुआ है।
तकनीकी कारणों के चलते एचटीपीपी की इकाईयां बार-बार ट्रिप हो रही है। स्वीच यार्ड में आई खराबी के बाद सभी इकाईयांे से उत्पादन बंद हो गया था। जिसके बाद धीरे-धीरे यहां स्थापित 210 मेगावाट की सभी इकाईयों से बिजली उत्पादन शुरू किया गया था। लेकिन गुरुवार को फिर 210 मेगावाट की एक नंबर के यूनिट में खराबी आने के कारण बिजली उत्पादन बंद हो गया है। वर्तमान में यहां 500 मेगावाट प्लंाट से भी बिजली उत्पादन शुरू नहीं किया जा सका है। दूसरी ओर 440 मेगावाट के कोरबा पूर्व प्लांट की 120 मेगावाट की 6 नंबर की यूनिट से तकनीकी कारणों से उत्पादन बंद है। जिसके कारण भी उत्पादन कंपनी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अिधकारियों के अनुसार इकाईयों का सुधार जारी है। जनरेशन कंपनी के प्लांटों में कोयला की कमी भी प्रबंधन के लिए परेशानी बना हुआ है। कोरबा पूर्व प्लंाट से 210 मेगावाट तक बिजली का उत्पादन हो रहा है। 1340 मेगावाट के एचटीपीपी में उत्पादन घट कर 580 मेगावाट तक हो गया है। यहां दो इकाईयों से उत्पादन नहीं हो रहा है। डीएसपीएम प्लांट से 400 मेगावाट तक बिजली उत्पादन हो रहा है। बांगो हाइडल प्लंाट से भी बिजली का उत्पादन हो रहा है। गुरुवार की देर शाम भी प्रदेश में बिजली की मांग 3 हजार मेगावाट से ज्यादा रही। जबकि उपलब्धता 2700 मेगावाट तक रही। बिजली जरूरतों को ध्यान में रखकर 1200 मेगावाट तब बिजली सेंट्रल सेक्टर से ड्राल किया जा रहा था।
एचटीपीपी में उत्पादन
इकाईक्षमता (मेगावाट) उत्पादन
1 210 00
2 210 200
3 210 190
4 210 190
5 500 00
प्लंाटोंमें काेयला स्टॉक
प्लंाटस्टॉक दिन
कोरबा पूर्व 14 हजार टन 2
एचटीपीपी 65 हजार टन 3
डीएसपीएम 58 हजार टन 7