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127 शंख ध्वनि मोमबत्ती जलाकर मना ठाकुर का जन्मोत्सव

7 वर्ष पहले
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मंगलवारकी सुबह से ही सीतामढ़ी क्षेत्र शंखध्वनि भजन कीर्तन से गूंजता रहा। कार्यक्रम में उपस्थित साधकों ने आस्था समर्पण के साथ प्रेममय ठाकुर अनुकूल चंद्र का 127वां जन्मदिन मनाया। साधकों ने 127 बार शंख की ध्वनि कर जन्मोत्सव की जहां खुशियां मनाई। वहीं मौके पर 127 मोमबत्ती जलाकर ठाकुर के आदर्श को हर व्यक्ति के जीवन में प्रकाशित करने की कामना की।

सीतामढ़ी स्थित सत्संग िवहार में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ठाकुर के भक्त शामिल होकर उनका जन्मदिन मनाया। 127वीं जयंती होने के कारण साधकों में उत्साह देखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह प्रभात फेरी निकालकर किया गया। इसके बाद प्रार्थना, भजन कीर्तन कर लोगों ने ठाकुर को याद किया। आयोजन का आकर्षण रहा 127 बार शंख ध्वनि किया जाना 127 मोमबत्ती जलाया जाना। वहां उपस्थित हरेक साधकों ने शंख ध्वनि में हिस्सा लिया, वहीं मोमबत्ती जलाकर ठाकुर के जन्म मुहूर्त का आगाज कराया। पुरुषोत्तम ध्वनी से सत्संग विहार ही नहीं वरन सीतामणी क्षेत्र गूंजता रहा। इसके बाद पुन: भजन कीर्तन का दौर शुरू हो गया जो लगभग 9 बजे तक चला। इसके बाद साधकों ने ठाकुर की तस्वीर के साथ उनकी शोभायात्रा सत्संग विहार से निकाली। जो मुख्य मार्ग होते हुए पुराना बस स्टैंड पहुंची, वहां से पुन: सत्संग विहार वापस पहुंची। जहां सत्संग, मातृ मंगल आनंद बाजार के साथ शाम को प्रार्थना सभा हुई। सत्संग में बताया गया कि ठाकुर जी के सहज सरल धर्मीय मार्ग अनुसरण करके साधारण सांसारिक लोग शांतिमय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनके द्वारा बताये गए चार नियम-यजन, याजन, इष्टभृति सदाचार पालन करके सब अपने-अपने क्षेत्र में कार्यकुशल हो रहे हैं। इसलिए मनुष्य को इष्ट के प्रति केन्द्रिक होकर धर्म के सहारे कार्य निष्पादन में लगे रहना चाहिए।

ठाकुर अनुकुलचन्द्र की पूजा करती महिलाएं, भजन-कीर्तन करते हुए