- Hindi News
- सीएसईबी वेस्ट हॉस्पिटल के ठेका कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
सीएसईबी वेस्ट हॉस्पिटल के ठेका कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
बोनस,ईपीएफ वेतन के मुददे को लेकर सीएसईबी वेस्ट अस्पताल में ठेका पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और बुधवार को हड़ताल पर रहे। मांग पूरी नही होने पर कर्मचारियाें ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सीएसईबी हॉस्पीटल में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कर्मचारियों की भारी कमी है। एचटीपीपी वेस्ट सीएसईबी कोरबा पूर्व में विभागीय कर्मचारियों उनके परिजनों के उपचार के लिए दो अस्पताल है। इन दोनों अस्पताल में भी सुविधाओं का अभाव है। सीमित संसाधन स्टाॅप के सहारे अस्पताल चल रहा है। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए हास्पीटल में ठेका पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवा ली जा रही है। लेकिन ये कर्मचारी भी समय पर वेतन नही मिलने को लेकर परेशान है। िशकायत के बाद भी िस्थति नही सुधर रही। इसे लेकर यहां के एक दर्जन से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बुधवार को बीएमएम के नेतृत्व में कामबंद कर विरोध जताया। कर्मचारयों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए ठेका कंपनी प्रबंधन पर अपना आक्रोश जताया है। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि आईविजन जूम नेटवर्क फर्म के द्वारा सीएसईबी के अस्पतालों में ठेका पर नर्सेस, पैथालॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, फार्मािसस्ट अन्य कर्मचारियों की सप्लाई की गई है। इस फर्म के द्वारा सीएसईबी के एचटीपीपी अस्पताल में उनकों नियोजित किया गया है। काफी समय से वे यहां कार्यरत है। लेकिन उनको समय पर वेतन नही मिलता, वहीं यह भी स्पष्ट नही है कि उनका ईपीएफ कट रहा है कि नही। कर्मचारियों के अनुसार संबंधित ठेका कंपनी की ओर से उनकों वास्तविकता से अवगत नही कराया जा रहा है। इन बातों को लेकर संशय की िस्थति बनी हुई है। कर्मचारियों का यहां तक कहना है कि शिकायत करने पर ठेकेदार के द्वारा उनको धमकाया तक जाता है। जिससे आक्राेशित होकर उनकों विरोध जताने सामने आना पड़ा है। हॉस्पीटल के ठेका कर्मचारियों ने चेतावनी दिया है कि अगर उनकी मांगे नही मानी गई तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे।
विभागीयकर्मचारियों की कमी : सीएसईबीके कोरबा पूर्व एचटीपीपी हास्पीटल में कर्मचारियों की काफी कमी है। विभागीय तौर पर लंबे समय से कर्मचारियाें की भर्ती नही हुई है। डॉक्टरों के साथ ही िचकित्सा स्टाॅफ की कमी बनी हुई है। नियमित कर्मचारियों की कमी को देखते हुए ठेके पर स्वास्थ्य कर्मचारियों