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बैंक मैनेजर समेत 7 आरोपियों को दस-दस साल की सजा

7 वर्ष पहले
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एकसाल पहले शहर में एक बैंक के मैनेजर से मिलीभगत कर नकली नोट खपाने का मामला पकड़ में आया था। मामले में बैंक मैनेजर समेत 7 लोगों के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने उन्हें 10-10 साल की सजा दी है।

शहर के शिवाजी नगर में एक साल पहले 11 जुलाई 2013 की रात पुलिस ने नकली नोट का एक बड़ा मामला पकड़ा था। इस मामले में शिवाजी नगर निवासी विनोद राठौर (32) पिता नारायण प्रसाद समेत पश्चिम बंगाल (हबीबपुर) निवासी संजय सरकार (46) पिता अजीत सरकार, मोहम्मद रफीक मेमन (30) पिता अब्दुल गफ्फार (भैमसा), निर्मल मल्लिक (30) पिता विमल मल्लिक (भैसमा), अब्दुल हमीद (30) पिता जमीर अहमद (चिमनीभट्‌ठा), अमित अग्रवाल (32) पिता लक्ष्मण अग्रवाल (इंडस्ट्रीयल एरिया) यूनाइटेड बैंक के मैनेजर अशोक कुमार मित्रा (57) को भी पकड़ा गया। इनके पास से नकली नोट, बैंक खाते और अन्य दस्तावेज बरामद हुआ था।

मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 489ख, 489 ग, 34 (एकराय होकर नकली नोट चलाना) 420 भादवि (धोखाधड़ी) का अपराध कायम किया गया था। मामला कोर्ट में था। सभी आरोपी िजला जेल में विचाराधीन थे। मामले की सुनवाई एडीजे पी पॉल के कोर्ट में चल रही थी। जहां साक्ष्य-सबूत के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध हो गया।

मंगलवार को एडीजे ने इस मामले में फैसला सुनाया। उन्होंने दोषियों को धारा 489 ख, 34 489 ग, 34 के मामले में 10-10 साल की सश्रम कारावास 20-20 हजार रुपए अर्थदंड और धारा 420 के तहत 5 साल सश्रम कारावास 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। मामले में शासन की ओर से एडीओपी डीआर सारथी ने मामले में पैरवी की थी।

शहर के बैंक में खपे थे लाखों रुपए

अशोककुमार मित्रा ट्रांसपोर्टनगर स्थित यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का मैनेजर था। वह 20 फीसदी रकम लेकर बैंक में नकली नोट खपाता था। गिरोह ने उसे 40 लाख के नकली नोट खपाने के एवज में 8 लाख दिया था। बैंक से नोट मिलने पर ग्राहकों को संदेह नहीं होता था। इस तरह से बैंक से असली नोट निकलकर गिरोह तक पहुंच जाता था। मैनेजर द्वारा कई लाख रुपए बैंक में खपाया गया था। कई बार उपभोक्ताओं कोे भी बैंकों से 500 रुपए के नकली नोट मिलते हैं। लोग पुलिस के चक्कर में फंसने से बचने के लिए शिकायत नहीं करते हैं। अिधकांश मामलों में लोग नकली नोट को फाड़कर फेंक देते