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अब बुिकंग के आधार पर बनंेगे मकान

7 वर्ष पहले
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स्थान क्षेत्रफल आवास संख्या

रामपुर 7.29 एकड़ 516

बरबसपुर 2.23 एकड़ 168

दादरखुर्द 5.75 एकड़ 160

सेमीपाली 5.65 एकड़ 155

जेंजरा -- 155

गोकुलनगर -- 58+168+84

खरमोरा 3.25 एकड़ 192 निर्माणाधीन

उरगा 15 एकड़ 664 निर्माणाधीन

पूर्वकी तय दर से ही मिलते थे मकान

अबतक चली रही योजना के तहत दोनों ही स्थिति में हितग्राहियों को फायदा होता था। पहले बुिकंग कराओ या एक साल बाद। मकान से जो रेट तय थे उसी के आधार पर हाउिसंग बोर्ड उपलब्ध कराता था। इसके िलए बोर्ड को प्रोजेक्ट पूरा करने में िकतना भी समय क्यों लग रहा था। मकान की लागत वहीं पुरानी होती थी।

पहलेआओ पहले पाओ की नीति

^राज्य शासन ने हाउिसंग बोर्ड के किसी भी नए अथवा पुराने प्रोजेक्ट मेंे मकानों के िलए पहले आओ पहले पाओ की नीति निर्धारित कर रखी है। इससे पहले बुिकंग कराने वालों का मकान पहले बनने शुरू हो जाएंगे, साथ ही समय पर हैंडओवर भी हो जाएंगे। बाद वालों को शासन से बढ़ाई गई लागत पर मकान मिल सकेंगे। एसकेभगत, ईई,हाउिसंग बोर्ड, कोरबा

निर्माणाधीन आवास।

भास्कर न्यूज | कोरबा

हाउिसंगबोर्ड की आवासीय कालोनियों में बुिकंग के आधार पर मकानों का निर्माण शुरू हो जाएगा। साथ ही एक निश्चित समय में पहले पंजीयन कराने वाले हितग्राहियों को मकान हैंडओवर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। इसका फायदा उन हितग्राहियों को होगा जो बोर्ड से घोषित तिथि के प्रारंभिक अवस्था में ही पंजीयन कराए होंगे। बोर्ड द्वारा कालोनी में निर्धारित सभी मकानों के पंजीयन होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

हाउिसंग बोर्ड के किसी भी आवासीय प्रोजेक्ट में निर्धारित संख्या में बनने वाले सभी मकानों के हितग्राही मिलें या मिलें। बोर्ड को फार्म बिक्री पंजीयन की प्रथम, द्वितीय अथवा आगे कभी भी तििथ घोषित क्यों करना पड़े। पहले चरण में जितने भी मकान बुक होंगे उन्हें पहले तैयार करके हितग्राही को हैंडओवर करना होगा। पूर्व में मकानों के हितग्राहियों को पहले पंजीयन कराने के बाद भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। वहीं हाउिसंग बोर्ड जब तक प्रोजेक्ट के सभी मकानों की बुिकंग नहीं कर लेता था तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाता था। इस स्थिति में एक साल पहले बुिकंग कराने एक साल बाद बुिकंग कराने वालों को एक साथ ही मकान मिल पाते थे। फिरहाल अब ऐसा नहीं होगा। मकानों की बुिकंग जैस