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हाथी प्रभावित गांवों की सुरक्षा के लिए होगी सोलर फेसिंग
जिलेके हाथी प्रभावित गांव की सुरक्षा के लिए सोलर पावर फेसिंग योजना को राज्य शासन ने गजराज परियोजना के नाम से मंजूरी दे दी है। पांच वर्षीय परियोजना में कोरबा के साथ जशपुर, बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर, धरमजयगढ़ रायगढ़ जिला शामिल है। योजना के तहत एक हजार किलोमीटर की सोलर फेसिंग 600 गांवों में की जाएगी। साथ ही हािथयों के भोजन के लिए पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही तालाब स्टाप डेम बनाए जाएंगे।
वनमंडल कोरबा से तीन साल पहले हाथी प्रभावित गांवों में सोलर फेसिंग करने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी मंजूरी नहीं मिल पाई थी। इस वजह से लगातार हाथी उत्पात से जनधन की हानि हो रही है। राज्य शासन ने गजराज परियोजना के लिए 132 करोड़ की मंजूरी दी है। इसके तहत वनों के विकास के लिए कार्य शुरू किया जाएगा। इसमें हािथयों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसमें बांस के पौधों के साथ अन्य प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। जिसे हाथी अधिक पसंद करते हैं। कई गांव नदी, नालों के किनारे हैं। हाथी पानी की तलाश में भी गांव किनारे पहुंच जाते हैं। इसके लिए स्टाप डेम तालाब का निर्माण कराया जाएगा।
कटघोरामें जामवंत परियोजना : राज्यशासन ने जामवंत परियोजना के लिए भी 20 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। जिसमें राज्य के चार वन मंडल कटघोरा, मरवाही, कोरिया मनेन्द्रगढ़ को शामिल किया है। इस परियोजना के तहत प्रभावित क्षेत्रों में फलदार पौधे, महुआ, बेर लगाए जाएंगे। साथ ही भालुओं के रहने के लिए गुफा उसके आसपास की पहचान कर उसका प्रबंधन किया जाएगा।
वनमंडल में 100 से अधिक हाथी
वनमंडलकोरबा में हािथयों का आगमन वर्ष 2000 में शुरू हुआ। उस समय हाथियों को प्रवासी मानकर कोई भी योजना को नहीं दी गई। इसके बाद लगातार हािथयों का झुंड वन मंडल में रहा है। अब हािथयों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। हाथी दो से तीन झुंड में विचरण करते हैं। हािथयों को खदेड़ने पर वे रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल चले जाते हैं। इसके बाद पुन: जिले में प्रवेश कर उत्पात मचाते हुए फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।
34गांवों में 109 किलोमीटर में फेसिंग का भेजा गया प्रस्ताव
वनविभाग ने जो प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा था उसमें 34 गांवों को शामिल किया गया है। अब गांवों की संख्या बढ़ सकती है। योजना के तहत 109 किलोमीटर में पावर फेसिंग किया जाना है। गांवों के साथ जंगल किनारे खेतों को भी सुरक